वल्र्ड हियरिंग डे (विश्व श्रवण दिवस) पर वेंक्टेश्वरा में 12 सौ से अधिक लोगों के कानों की जाँच/ सर्जरी

बहरापन/ बाधिर या कम श्रवण क्षमता होने से न सिर्फ जीवन को समझने में दिक्कत आती है, बल्कि यह संबंधित व्यक्ति के आत्मविश्वास एवं पूरे व्यक्तित्व को बुरी तरह प्रभावित करता है – डा. सुधीर गिरि, संस्थापक, वेंक्टेश्वरा समूह
उम्र भर सही ‘‘सुनने‘‘ के लिए डाॅक्टर की बात ‘‘सुनना‘‘ और उस पर अमल करना बेहद जरूरी – डा. वीपी. सिंह, विख्यात ईएनटी सर्जन एवं विभागाध्यक्ष, विम्स
अच्छी चिकित्सीय सेवाओं के दम पर पश्चिमी यू.पी. में वेंक्टेश्वरा समूह का ‘‘विम्स मल्टीस्पेशिलिटी‘‘ हाॅस्पीटल नाक, कान एवं गला (ईएनटी) की सभी बीमारियों के उपचार एवं जटिल सर्जरी का बना आदर्श एवं उत्कृष्ट संस्थान – डा. राजीव त्यागी, प्रतिकुलाधिपति, श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय संस्थान
नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। आज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा समूह के विम्स मल्टीस्पेशिलिटी हाॅस्पीटल एवं वीजीआई मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘विश्व श्रवण जागरूकता सप्ताह‘‘ (1 से 6 मार्च, 2024) का समापन हो गया। ‘‘वल्र्ड हियरिंग अवेयरनेस वीक‘‘ में विम्स के नाम, कान एवं गला रोग विभाग ने पश्चिमी यूपी के 12 सौ से अधिक मरीजों के कान की निःशुल्क जांच कर लगभग 70 से अधिक लोगों की सर्जरी कर उनको सफल आपरेशन द्वारा नई श्रवण शक्ति देने का काम किया। इसके अलावा ईएनटी. विभाग के चिकित्सकों एवं मेडिकल के छात्र-छात्राओं ने जागरूकता रैली, पोस्टर एवं क्विज प्रतियोगिताओं द्वारा लोगों की कान की देखभाल के बारे में बताया एवं उनको जागरूक किया।
बुधवार को श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के डा. सीवी रमन सभागार में आयोजित सात दिवसीय ‘‘विश्व श्रवण जागरूकता सप्ताह‘‘ के समापन समारोह का शुभारम्भ समूह चेयरमैन डा. सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी, ईएनटी. विभाग के विभागाध्यक्ष द्वारा डा. वीपी सिंह, डा. मैत्री कौशिक, डा. शिवम अग्रवाल एवं डा. मोनिका देशवाल ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया। अपने सम्बोधन में विख्यात ईएनटी विशेषज्ञ एवं विभागाध्यक्ष डा. वीपी. सिंह ने कहा कि आज पूरे विश्व में 150 करोड़ से अधिक व्यक्तियों में सुनने की क्षमता में कमी है, जबकि 43 करोड़ लोग श्रवण हानि (हियरिंग लोस) से पीड़ित हैं। इनका मुख्य कारण बढ़ती उम्र, अत्यधिक शोर, कम प्रतिरोधक क्षमता, ड्रग्स सेवन, जंक फूड एवं प्रदूषण है। अगर पूरी उम्र सही ‘‘सुनना‘‘ चाहते हैं तो डाॅक्टर की बात ‘‘सुनना‘‘ एवं उस पर अमल करना जरूरी है। इस अवसर पर सीईओ. विम्स डा. एचपी सिंह, डीन डा. संजीव भट्ट, एमएस आईबी. राजू, डा. नीतेश अग्रवाल, डा. रजत, डा. इरशाद मेरठ परिसर से निदेशक डा. प्रताप सिंह मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग रहे।











