अमरोहा में वृद्धाश्रम एवं वन स्टॉप सेंटर का गठित समिति ने किया औचक निरीक्षण
अभिलेखों एवं व्यवस्थाओं की भी की गई समीक्षा

नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमरोहा प्रभारी सचिव, चेतना सिंह, गठित समिति की अध्यक्ष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / पॉक्सो एक्ट प्रथम, अमरोहा हेमलता व न्यायिक मजिस्ट्रेट, अमरोहा इन्दू नागर (सदस्य) के साथ वृद्धाश्रम एवं वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दोनों संस्थानों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा लाभार्थियों को मिलने वाली अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष हेमलता त्यागी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / पॉक्सो एक्ट प्रथम, अमरोहा व सदस्य इन्दू नागर न्यायिक मजिस्ट्रेट, अमरोहा ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना तथा उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वृद्धजनों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा उन्हें सम्मानजनक वातावरण के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

इसके उपरांत समिति द्वारा वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण करते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की समीक्षा की। केंद्र में कानूनी सहायता, परामर्श, चिकित्सकीय सुविधा, मनोसामाजिक सहयोग तथा अस्थायी आश्रय जैसी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पीड़िता को त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप सभी सेवाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान अभिलेखों एवं व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव चेतना सिंह ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें समय पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि संस्थानों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, समिति के सदस्य एवं संस्थानों के कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने लाभार्थियों की सुरक्षा, सम्मान एवं सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के निर्देश दिए।




