अमरोहाउत्तरप्रदेश
विश्व पृथ्वी दिवस पर श्री वेंक्टेश्वरा विवि में राष्ट्रीय सेमीनार, वृहद वृक्षारोपण एवं डिबेट प्रतियोगिता
अन्धाधुन्ध प्रकृति दोहन के कारण ग्लोबल वार्मिंग से पूरा विश्व विनाश की ओर, सभी को पर्यावरण बचाने के लिए करने होंगे प्रयास- सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यक्ष, वेंक्टेश्वरा समूह

– समय रहते वृक्षारोपण, प्रकृति संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती पर नहीं दिया गया ध्यान तो भुगतने होंगे गम्भीर परिणाम- डा. राजीव त्यागी, प्रतिकुलाधिपति एवं आधिकारिक प्रतिनिधि समूह अध्यक्ष, श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय एवं संस्थान
– संस्थान परिसर में पर्यावरण संरक्षण/संवर्धन के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास पर पांच सौ एक (501) छायादार एवं फलदार पौधे किये रोपित
नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। आज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में ’’विश्व पृथ्वी दिवस’’ पर ’’फसलों में अन्धाधुंध केमिकल फर्टीलाईजर, कीटनाशको के इस्तेमाल का मानव स्वास्थ्य पर असर’’ विषय पर राष्ट्रीय सेमीनार एवं वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं पर्यावरण संरक्षण/संवर्धन पर जागरूकता रैली’’ का अयोजन किया गया। संस्थापक अध्यक्ष डा. सुधीर गिरि ने उपस्थित स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाते हुए प्रकृति के अन्धाधुन्ध दोहन पर विराम लगाने की बात कही।

बुधवार को ’’विश्व पृथ्वी दिवस’’ पर श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान के मुख्य परिसर में आयोजित ’’राष्ट्रीय सेमीनार एवं वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम, डिबेट प्रतियोगिता का शुभारम्भ संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्णकान्त दवे आदि ने सरस्वती मां की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया।

अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि प्रो. अरविन्द कुमार मिश्रा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं प्रकृति के अन्धाधुन्ध अवैध दोहन से पूरा विश्व आज ग्लोबल वार्मिंग की चपेट में है। आज अप्रैल माह में ही औसत तापमान 40 डिग्री से 45 डिग्री के बीच है। यही हालात रहे तो पूरा विश्व विनाश की ओर होगा। हमें समय रहते अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक एवं देशी खाद्य पदार्थो की ओर लौटना होगा। इसके साथ ही फसलों में अन्धाधुन्ध केमिकल फर्टिलाईजर एवं कीटनाशनकों जो कि कैंसर समेत सैकड़ों बीमारियों के जनक हैं के प्रयोग के बजाय ’’आर्गेनिक फार्मिंग’’ की ओर लौटना होगा।

प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी ने कहा कि समय रहते वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया तो सभी को इसके गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे। इसलिए सिर्फ वृक्षारोपण नहीं बल्कि इसके लिए आजीवन संरक्षण संवर्धन की भी शपथ लें एवं देशी खाद्य शैली को अपने जीवन में अपनाकर ’’स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत’’ भारत अभियान को आगे बढ़ायें।

’’पर्यावरण संरक्षण वैश्विक जरूरत के साथ-साथ मौलिक कर्तव्य भी’’ विषय पर आयोजित डिबेट काॅम्पिटीशन में लगभग 150 विद्यार्थियों ने अपने तर्क प्रस्तुत किये। जिनमें से निर्णायक मण्डल ने विजेता छात्र-छात्राओं को मेडल एवं सर्टीफिमेट देकर सम्मानित भी किया एवं सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिये गये।

इस अवसर पर डीन एग्रीकल्चर डा. थाॅमस अब्राहीम, डा. विनय कुमार सिंह, डा. ज्योति सिंह, डा. शेषनाथ मिश्रा, डा. लक्ष्मीकान्त, डा. माता प्रसाद, डा. वरुण त्रिपाठी, डा. चन्द्रकान्त, डा. ब्रजकिशोर, डा. अभिषेक सिंह, डा. आसिया वाहिद, एसएस बघेल, कौशल कुमार, उदित तिवारी, अनुपम, आदेश, मेरठ परिसर से डा. पंकज सिंह एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य संचालक डा. विनय कुमार सिंह और डा. ज्योति सिंह रहे।




