594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे से अमरोहा में 236 करोड़ से मालामाल हुए किसान, कल होगा लोकार्पण
हसनपुर के मंगरौला में 140.64 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा 'ग्रीन कॉरिडोर', 65% जमीन की खरीद पूरी

– 2467 किसानों को मिला 236.19 करोड़ का भारी मुआवजा, अमरोहा के 25 गांवों से गुजरेगा 23.60 किमी का सुपर ट्रैक
– जिलाधिकारी नितिन गौड़ ने भ्रमण कर लिया तैयारियों का जायजा, पांच हजार लोग आमंत्रित
नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। प्रदेश की आर्थिकी को नई रफ्तार देने के लिए तैयार 594 किलोमीटर लंबा ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पश्चिमी यूपी के लिए एक बड़ा ‘गेम चेंजर’ साबित होने जा रहा है। आगामी 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई से इस महात्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ करेंगे। मेरठ से प्रयागराज तक के 12 जिलों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे 12 घंटे के थकाऊ सफर को मात्र 6 घंटे में समेट देगा। सबसे बड़ा फायदा अमरोहा और आस-पास के किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को मिलने जा रहा है।
जिले के मंगरौला गांव के पास 140.64 हेक्टेयर में नया औद्योगिक हब (ग्रीन कॉरिडोर) विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए 65 प्रतिशत से अधिक भूमि खरीदी जा चुकी है। वहीं, भूमि अधिग्रहण के बदले 2467 किसानों को 236.19 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व उछाल आया है।
खेतों से सीधे बड़े बाजारों तक पहुंचेगी उपज
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से अमरोहा के किसानों के लिए समृद्धि के नए दरवाजे खुल गए हैं। अब तक अपने कृषि उत्पादों को बड़े शहरों और महानगरों तक पहुंचाने में लगने वाला समय और भाड़ा दोनों आधा हो जाएगा। पूर्व से पश्चिम की बड़ी मंडियों तक सीधी और तेज पहुंच होने से जल्द खराब होने वाली सब्जियों, फलों और अन्य फसलों का उचित मूल्य मिल सकेगा। इसके अलावा, मुआवजे के तौर पर जिले के करीब ढाई हजार किसानों के बैंक खातों में 236 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पहुंचने से क्षेत्र में भारी संपन्नता आई है, जिससे स्थानीय बाजार भी गुलजार हो गए हैं।
नोएडा की तर्ज पर विकसित होगा नया औद्योगिक हब
अमरोहा जिले की हसनपुर तहसील का मंगरौला गांव जल्द ही एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। यहां एक्सप्रेसवे के किनारे 140.64 हेक्टेयर भूमि पर एक विशाल ‘औद्योगिक ग्रीन गलियारा’ प्रस्तावित है। यहां नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तरह नई औद्योगिक इकाइयां, लॉजिस्टिक्स पार्क और होटल विकसित होंगे। इससे न केवल देश-विदेश से बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए घर के पास ही रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। इसका सीधा असर यह होगा कि रोजगार के लिए दिल्ली-एनसीआर की ओर होने वाला युवाओं का पलायन रुकेगा। छोटे बिल्डरों की आमद से यहां जमीनों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं।
120 की रफ्तार से फर्राटा भरेंगे वाहन, दोपहिया पर रोक
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सफर के नियम भी स्पष्ट कर दिए गए हैं। कार और अन्य हल्के वाहन अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगे, जबकि बसों और भारी ट्रकों के लिए यह सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। सुरक्षा के कड़े मानकों को देखते हुए इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रखा गया है। अमरोहा जिले में इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 23.60 किमी है, जो 25 गांवों से होकर गुजरेगी। जिले के लोगों और व्यापारियों को इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने (इंटरचेंज) के लिए मंगरौला में ही बेहतरीन सुविधा दी गई है, जिससे उन्हें कहीं दूर जाकर एक्सप्रेसवे नहीं पकड़ना पड़ेगा।

लोकार्पण की भव्य तैयारियां, डीएम ने किया ग्राउंड जीरो का मुआयना
प्रधानमंत्री के हाथों 29 अप्रैल को होने वाले इस ऐतिहासिक एक्सप्रेसवे के लोकार्पण को लेकर अमरोहा का प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने हसनपुर के ग्राम मंगरौला में कार्यक्रम स्थल का दौरा किया। यहां पर उन्होंने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। यहां करीब पांच हजार लोगों की मौजूदगी के लिए एक विशाल जनसभा की तैयारी की जा रही है, जहां बड़ी एलईडी स्क्रीन के जरिए मुख्य उद्घाटन समारोह का सजीव प्रसारण किया जाएगा। डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सुरक्षा, सुगम यातायात, विशाल पार्किंग, पेयजल और पंडाल में अग्नि व विद्युत सुरक्षा ऑडिट कराने के सख्त निर्देश दिए हैं ताकि इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने आ रहे हजारों लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।



