अमरोहाउत्तरप्रदेशमेरठ
श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में ’’विश्व हेपेटाइटिस दिवस’ पर जागरूकता संगोष्ठी एवं निशुल्क जांच/उपचार शिविर
विश्व स्वास्थय संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार प्रतिवर्ष विश्व में लगभग 13 लाख लोगो की जान ले लेता है हेपेटाइटिस


– हम सिर्फ पश्चिमी यूपी नहीं बल्कि समस्त देशवासियों को सस्ती सुलभ एवं विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध- डा. सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यक्ष वेंक्टेश्वरा समूह
– जागरूकता की कमी, सटीक जांच एवं समयबद्ध उपचार के अभाव में प्रतिवर्ष लगभग तेरह लाख जिन्दगी लील जाती है हेपेटाइटिस – डा. राजीव त्यागी, प्रतिकुलाधिपति, श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान
– देश के सभी नागरिक हेपेटाइटिस की वैक्सीन जरूर लगवायें- डा. प्रो. सुरेश कुमार जीमेहता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, विम्स मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
– हेपेटाइटिस जानलेवा पर लाईलाज नहीं, यदि समय रहते प्रारंभिक स्टेज में ही रोग निदान से बीमारी का पता चल जाये तो आसानी से मरीज की जान बचायी जा सकती है- डा. योगेश कुमार, विख्यात फिजीशियन एवं विभागाध्यक्ष मेडिसिन विभाग
नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में ’’विश्व हेपेटाइटिस दिवस-2025’’ पर ’’हेपेटाइटिस जानलेवा पर लाईलाज नहीं’’ विषय पर ’’एक दिवसीय संगौष्ठी एवं निशुल्क हेपेटाइटिस जांच व उपचार शिविर’’ का आयोजन किया गया। वरिष्ठ चिकित्सकों ने मेरठ, मुरादाबाद समेत पश्चिमी यूपी के विभिन्न जनपदों से आये हजारो मरीजों की निशुल्क जांच कर हेपेटाइटिस से बचाव, रोकथाम एवं उपचार के बारे में विस्तार से समझाया।

सोमवार को श्री वेंक्टेश्वरा हॉस्पिटल के बीब्लॉक स्थित स्वागत परिसर में ’’विश्व हेपेटाइटिस दिवस-2025’’ पर ’’हेपेटाइटिस जानलेवा पर लाईलाज नहीं विषय पर आयोजित जागरूकता संगौष्ठी का शुभारम्भ संस्थापक अध्यक्ष डा. सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जीमेहता, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. योगेश कुमार, मार्केटिंग निदेशक एमए चौधरी, एचआर हेड कुलदीप सिंह आदि ने फीटा काटकर किया।

अपने सम्बोधन में मुख्य वक्ता विख्यात चिकित्सक एवं मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. योगेश सिंह ने कहा कि हेपेटाइटिस एक जानलेवा वायरल बीमारी है। जो हेपेटाइटिस ए/बी/सी/डी एवं ई वायरस के संक्रमण से होती है। पूरे विश्व में इसके सबसे ज्यादा मरीज हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित होते हैं। यदि प्रारिम्भक अवस्था में सटीक जांच के बाद पीड़ित मरीज को सही उपचार मिल जाये तो यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है लेकिन जागरूकता के अभाव एवं समय पर जांच/उपचार ना होने से ’’लीवर सिरोयसिस एवं लीवर कैंसर आदि गम्भीर बीमारियां उत्पन्न होने से मरीज की जान चली जाती है। विश्व स्वास्थय संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार प्रतिवर्ष विश्व में अकेले हेपेटाइटिस लगभग तेरह लाख लोगो की जान ले लेता है। इसीलिए समय-समय पर जांच कराकर एवं संक्रमण होने पर समयबद्ध उपचार से मरीज की जान बचायी जा सकती है।

इस अवसर पर एचआर हेड कुलदीप सिंह, डा. मानिक त्यागी, डा. इकराम इलाही, डा. बीएस त्यागी, विम्स हॉस्पिटल के क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर डा. सूर्य किरण सिंह, नर्सिंग हेड ज्योति वाजपेयी, अनीता सिंह, पोलीन, एसके सिंह, मार्केटिंग से मोहित, योगेश शर्मा, सचिन शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी डा.श्रीराम गुप्ता, सचिन कुमार, मेरठ परिसर से निदेशक डा. प्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि उपस्थित रहे।




