दिग्गज सूफ़ी गायकों के संग सिंगर वर्षा सिंह ने बिखेरा सूफियाना गायकी का जादू.
राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया जहान-ए-खुसरो कार्यक्रम का उद्घाटन

शिवा अग्रवाल
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सुन्दर नर्सरी में रूमी फाउंडेशन की तरफ से सूफियाना कार्यक्रम जहान ए खुसरो का आगाज हुआ। जिसमे देश-दुनिया के तमाम सूफ़ी गायको ने सूफियाना गायकी से कार्यक्रम में चार चाँद लगाए.कार्यक्रम सिंगर वर्षा सिंह ने अपनी गायकी से महफ़िल लूट ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
“जब सूफ़ी परम्परा भारत आयी तो उसने खुद को घर जैसा महसूस किया” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन्ही शब्दों के साथ जहान ए खुसरो कार्यक्रम की 25वीं वर्षगांठ का तीन दिवसीय उत्सव शुरू हुआ। प्रोग्राम में मालिनी अवस्थी और सतेंद्र सरताज जैसे दिग्गज कलाकारों के अलावा तमाम उम्दा सूफ़ी गायकों ने अपनी रूहानी आवाज से प्रोग्राम में चार चाँद लगाए। इन्ही में एक मशहूर सूफ़ी गायक वर्षा सिंह धनोआ ने अपनी सूफ़ी गायकी से श्रोताओं की आंखों से आंसू गिराने को मजबूर कर दिया। सिंगर वर्षा ने स्टेज पर आकर अल्लाह की इबादत से अपनी परफॉरमेंस का आगाज किया। इसके बाद अपनी रूहानी आवाज में “अम्मा मेरे बाबा को भेजो री” गाकर सबकी आँखे नम कर दीं। प्रोग्राम के आर्गेनाइजेर मुजफ्फर अली और मीरा अली भी इस सांग पर बहुत भावुक नज़र आये। इसके अलावा “कौन दिशा में लेके”, “दीवाना हूँ तो तेरा हूँ “, “वे कमलिया” गाकर महफ़िल लूट लीं. “झूम झूम” गीत पर तो सभी श्रोता झूम उठे और तालियों से सुन्दर नर्सरी का उद्यान भी गूंज उठा.। ख़ास बात रही कि वर्षा की स्टेज परफॉरमेंस ख़तम होने के बाद भी लोग अपनी कुर्सियां से हिलने को राजी ना होकर उनसे और गीत सुनाने की दरखास्त करते रहे। वर्षा सिंह ने बताया कि हाल ही में उनकी एक बॉलीवुड फ़िल्म ‘मेरे हसबैंड कि बीबी’ रिलीज़ हुई है। जिसमे उन्होंने टाइटल सांग ‘सांवरिया रे’ गाया है। बताया कि जहान ए खुसरो सांस्कृतिक धरोहर है, वो इस प्रोग्राम का हिस्सा बनकर बहुत खुशी महसूस कर रही है। मुख्य अतिथि लार्ड गवर्नर ऑफ़ दिल्ली विनय कुमार सक्सेना सहित अन्य गणमान्यो ने खुले दिल से जहान ए खुसरो प्रोग्राम की तारीफ की।



