मां भारती के वीर सपूत ‘अमर शहीद भगत सिंह’ की जयंती पर वैंकटेश्वरा में हुई संगोष्ठी

-सरदार भगत सिंह का राष्ट्र प्रेम, अदम्य साहस एवं त्याग का कोई दूसरा उदाहरण इस देश में नही मिलता – सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यक्ष, वैंकटेश्वरा समूह
–सीमा पर लड़ते हुए देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने का सौभाग्य सबके पास नही होता पर हम अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में रहते हुए निष्ठा ईमानदारी से राष्ट्र निर्माण में जुड़े तो यह भी अमर शहीदों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी – डा. राजीव त्यागी, प्रतिकुलाधिपति श्री वैंकटेश्वरा विश्वविद्यालय / संस्थान
-विश्वविद्यालय प्रबंधन एवं स्टाफ ने अमर शहीद भगत सिंह के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश सेवा की ली शपथ|
नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वैंकटेश्वरा विश्वविद्यालय/ संस्थान में देश की आज़ादी के सबसे महान सपूत अमर शहीद भगत सिंह की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने शहीद भगत सिंह के बलिदान को याद करते हुए उनको श्रद्धासुमन अर्पित कर देश सेवा की शपथ ली।शनिवार को श्री वैंकटेश्वरा विश्वविद्यालय/ संस्थान के अब्दुल कलाम सभागार में शहीद भगत सिंह की जयंती पर आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. (डा.) कृष्ण कान्त दवे, कुलसचिव डा. पीयूष पाण्डे आदि ने अमर शहीद भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया। अपने सम्बोधन में संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने अमर शहीद भगत सिंह के बलिदान को याद करते हुए कहा कि हर देशवासी के नसीब में भगत सिंह की तरह अपने आप को देश के लिए बलिदान करने का सौभाग्य नही होता, लेकिन यदि हम सभी अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में शानदार काम करते हुए भारत को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनाने में अपना-अपना योगदान दे तो ये भी आजादी के अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी ने सरदार भगत सिंह के बचपन में उनका माँ भारती के प्रति अगाध प्रेम एवं देश की आजादी के लिए जूनून का जिक्र करते हुए कहा कि भगत सिंह की माँ ने उनसे कहा कि बेटा तुम अब शादी कर लो देश सेवा तो शादी के बाद भी कर लेना तो भगत सिंह ने हँस कर अपनी माँ से कहा कि वह आजादी से ही शादी करेंगे। उन्होंने इस पर लिखी गई कविता की चंद लाइनें …..“वतन के वास्ते उसके, इरादे देख फौलादी कहा बेबे ने मेरे लाल, अब तो कर ले तू शादीसुनी बेबे की ये बात, वीर हँसकर के यू बोलादुल्हन तो लाऊंगा पर, नाम उसका होगा आजादी” |…..सुनाकर सभी को भाव-विभोर कर दिया |-शहीद भगत सिंह के जन्मदिवस पर आयोजित संगोष्ठी को कुलपति प्रो. (डा.) कृष्ण कान्त दवे, कुलसचिव डा. पीयूष पाण्डे ने भी सम्बोधित किया | इस अवसर पर निदेशक एकेडेमिक डा. राजेश सिंह, डा. दिव्या गिरधर, डा. वी.एन.झा, डा. दिनेश गौतम, डा. योगेश्वर सिंह, डा. राजवर्धन, डा. ज्योति सिंह, तरुण काम्बोज, विशाल शर्मा, मारुफ़ चौधरी, अरुण गोस्वामी, डा. अश्विन सक्सेना, डा. प्रताप सिंह, समस्त शिक्षकों के साथ मीडिया प्रभारी विश्वास राणा, श्रीराम गुप्ता आदि उपस्थित रहे |











