विश्व पर्यावरण दिवस पर जुबिलेंट में हुआ पौधरोपण, प्लास्टिक को प्रयोग से दूर रखने की दी सलाह

नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड में यूनिट ह़ेड हितेंद्र अवस्थी ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से बचने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाए जाने चाहिएं। साथ ही उन्होंने इनकी देखरेख करने वालों को भी सम्मानित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही प्लास्टिक को उपयोग से दूर रखने की भी सलाह दी। विश्व पर्यावरण दिवस पर जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड में विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे लगाए गए।
सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर अमरोहा जनपद के गजरौला में स्थित जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड एवं जुबिलेंट जैकपॉल में पेड़-पौधे लगाए गए। जुबिलेंट के यूनिट हेड हितेंद्र अवस्थी ने जुबिलेंट में अधीनस्थों के संग औषधीय एवं छायादार पेड़-पौधे लगाए। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे धरती का गहना है। अपने स्वार्थ के चलते मानव पेड़ों का अधाधुंध कटान कर रहा है। इससे धरती से हरियाली समाप्त होती जा रही है। ग्लोबल वार्मिंग का असर भी तेजी से बढ़ रहा है। धरती की उर्वरक क्षमता क्षीण होती जा रही है। भूगर्भ जलस्तर भी नीचे जा रहा है। जो कि बेहद चिंतनीय है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जितना आवश्यक पेड़ पौधे लगाए जाना है, उतना ही आवश्यक उनकी देखरेख करना भी है। सिर्फ यह न हो कि पेड़ लगाकर भूल जाएं और वे पानी न मिलने से सूख जाएं। उन्होंने बागवानी करने वालों और पेड़पौधों की देखरेख करने वालों को भी समय-समय पर सम्मानित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। हितेंद्र अवस्थी ने जुबिलेंटकर्मियों से अपील की कि फैक्ट्री परिसर नो प्लास्टिक जोन बनाने में सहयोग करें। पानी पीने लिए डिस्पोजल ग्लास और पैक्ड पानी की बोतलों का उपयोग बंद कर दें। स्टील के थर्मस अथवा मिट्टी से निर्मित पात्र में ही पानी रखना और पीना सुनिश्चित करें। जुबिलेंट में जैकपॉल के यूनिट हेड देवेंद्र बंसल ने भी पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी से पौधरोपण करने का आह्वान किया। निदेशक जनसंपर्क सुनील दीक्षित ने बताया कि जुबिलेंट द्वारा क्षेत्र में अक्सर पेड़-पौधे लगाए जाते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और धरती की खोई हरियाली को लौटाना है। उन्होंने कहा कि प्रकृति मनुष्य की सबसे बड़ी मित्र है। इसलिए सभी को इसकी देखरेख करनी चाहिए। इस मौके पर विनय शुक्ला, अमित पांडे, हेड सिक्योरिटी एंड एडमिनिस्ट्रेशन सतेंद्र चौधरी, जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन के मेडिकल हेड डा. सुजिंदर फोगाट, सीएसआर कार्यक्रम अधिकारी विकास कुमार, शालिनी, ममता, अंजु, ऋतु, रजनी, चेतन आदि भी रहे।








