अमरोहा जनपद में आज से (निषेधाज्ञा) धारा 144 लागू
15 जनवरी तक नहीं निकाले जा सकेंगे किसी तरह के जुलूस, उल्लंघन करने पर होगी गिरफ्तारी

नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। जनपद अमरोहा में वर्तमान समय में गुरू गोविन्द सिंह जयन्ती, मो0 हजरत अली का जन्मदविस, मकर संक्रान्ति, महाश्विरात्रि, बसंत पंचमी, संत रविदास जयन्ती, शबे-बारात एवं जनपद अमरोहा में आयोजित होने वाली विभिन्न परीक्षाओं तथा पर्वों पर विभिन्न धार्मिक/राजनैतिक संगठनों द्वारा अपने-अपने कार्यक्रम प्रस्तावित किये जा सकते है। इस अवसर पर कतिपय अराजक तत्वों द्वारा अपनी गतिविधियों से जनसुरक्षा एवं शान्ति व्यवस्था प्रभावित किये जाने के प्रयास की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
अतएव उक्त के दृष्टिगत मेरा समाधान हो गया है कि जनपद अमरोहा के सम्पूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने तथा उक्त अवसरों पर अराजक तत्वों द्वारा अपनी गतिविधियों के कारण शाति व्यवस्था प्रभावित किए जाने के प्रयासों पर नियंत्रण स्थापित किए जाने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था कायम रखवाये जाने के निमित्त आदेश अन्तर्गत धारा-144 दण्ड प्रक्रिया संहिता निषेधाज्ञा पारित करता हूं।
अतः मैं बृजेश कुमार त्रिपाठी, अपर जिला मजिस्ट्रेट (वि0/रा0) अमरोहा, भारतीय सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 दण्ड के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकार का उपयोग करते हुए सम्पूर्ण जनपद अमरोहा में निम्नांकित निषेधाज्ञा पारित करता हूँ-
किसी भी स्थान पर पाँच या पाँच से अधिक व्यक्ति बिना अनुमति के एकत्रित न होंगे। यह प्रतिबन्ध पारिवारिक सदस्यों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों एवं शासकीय कार्यों से सम्बन्धित आयोजन आदि पर लागू नहीं होगा, कोई व्यक्ति/व्यक्तियों का समूह किसी घर की छत पर या घर के अन्दर अथवा सड़क अथवा सड़क के किनारे या गली में अथवा उसके किनारे अथवा किसी भी स्थान पर ईंट पत्थर या ईंट के टुकड़े या ऐसी सामग्री, जिससे चोट पहुँचायी जा सके, न तो एकत्र करेगा और न ही किसी दूसरे से करायेगा और न ही किसी को ऐसा करने के लिये प्रेरित करेगा।
परीक्षा केन्द्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग तथा परीक्षा केन्द्रों के आस-पास ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग तथा परीक्षा परिसर में मोबाईल फोन, ब्लूटुथ अन्य संचार सम्बन्धी उपकरण एवं आई०टी० गजेट्स ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। परीक्षा की समाप्ति तक किसी भी अभ्यर्थी अथवा प्रश्नपत्र को परीक्षा केन्द्र से बाहर न जाने दिया जायेगा। अनुचित साधनों का प्रयोग रोकने अथवा प्रश्नपत्रों के रखरखाव एवं उनके संचरण के मध्य समुचित सुरक्षा सुनिश्चित करायी जायेगी।
कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक अथवा धार्मिक विद्वेष फैलाने वाला उत्तेजनात्मक भाषण नहीं देगा और न ही ऐसे नारे लगायेगा और न ही ऐसे पम्पलेट/बैनर आदि प्रकाशित करायेगा. जिससे किसी दूसरे सम्प्रदाय अथवा व्यक्ति विशेष की भावनाओं को ठेस पहुॅचे या किसी भी प्रकार की उत्तेजना उत्पन्न हो या कोई कटुता आये अथवा साम्प्रदायिक सद्भाव बिगड़े कोई भी व्यक्ति धार्मिक विद्वेष फैलाने वाला संदेश सोशल मीडिया (व्हाट्सऐप, ट्विटर, इन्स्टाग्राम) के माध्यम से न तो प्रेषित करेगा और न ही उसे प्रेषित करने हेतु किसी को प्रेरित करेगा। यदि कोई संदेश सोशल मीडिया पर प्राप्त होता है तो न तो कोई उसे अग्रेषित करेगा और न ही किसी को इसके लिए प्रेरित करेगा और न ही कोई व्यक्ति सोशल (व्हाट्सऐप, ट्विटर, इन्स्टाग्राम) पर किसी को एकत्रित होने हेतु कहेगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की जायेगी। ऐसे किसी संदेश के संज्ञान में आने पर तत्काल सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उपजिलामजिस्ट्रेट को अवगत कराया जाये इसके अतिरिक्त बिना अनुमति के ड्रोन कैमरे का प्रयोग नहीं किया जायेगा, कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह का अश्लील साहित्य आपत्तिजनक बैनर्स, हैण्ड बिल अथवा पोस्टर्स न तो प्रकाशित करेगा और न ही प्रकाशित करायेगा, न ही वितरित करेगा और न ही वितरित करायेगा।
धार्मिक उन्माद पैदा करने वाले वीडियो/अडियो सामाग्री के कय-विक्रय अथवा प्रदर्शन/बजाने पर पूर्णतया प्रतिबन्ध रहेगा, कोई भी शस्त्र अनुज्ञापी अपने शस्त्र का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन नहीं करेगा और न ही कोई व्यक्ति किसी भी स्थान पर अन्य प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, लाठी, डन्डा, माला, चाकू या अन्य किसी प्रकार के घातक हथियार को लेकर नहीं जायेगा न ही किसी भी प्रकार के अस्त्र शस्त्र का प्रयोग करेगा और न ही ऐसा करने के लिये किसी को प्रेरित करेगा। यह प्रतिबन्ध सिख समुदाय के परम्परागत कृपाण अथवा विधि व्यवस्था में तैनात अधिकारी/कर्मचारी, बैंकों एवं सरकारी एवं अर्द्धसरकारी प्रतिष्ठानों के सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होगा।
कोई भी व्यक्ति सम्बन्धित उपजिला मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर एवं अन्य किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग नहीं करेगा और न ही किसी से करायेगा, लाउडस्पीकरों के प्रयोग में मा0 उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय के आदेशों का कठोरता से पालन किया जायेगा ध्वनि की तीव्रता व समय का पालन किया जायेगा, कोई भी व्यक्ति सड़क मार्ग, रेलवे ट्रैक आदि को बाधित नहीं करेगा और न ही बाधित करने के लिए प्रयास करेगा और न ही इसके लिए किसी को प्रेरित करेगा और न ही किसी भी प्रकार से सार्वजनिक सम्पत्ति को क्षति पहुँचायेगा, कोई भी व्यक्ति जलापूर्ति एवं विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न नहीं करेगा और न ही किसी को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा। कोई व्यक्ति/व्यक्तियों का समूह किसी घर की छत पर या घर के अन्दर अथवा सड़क अथवा सड़क के किनारे या गली में अथवा उसके किनारे अथवा किसी भी स्थान पर ईंट पत्थर या ईंट के टुकड़े या ऐसी सामग्री, जिससे चोट पहुँचायी जा सके, न तो एकत्र करेगा और न ही किसी दूसरे से करायेगा और न ही किसी को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा।
कोई भी व्यक्ति खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं का अनुमन्य सीमा से अधिक का मण्डारण, कालाबाजारी अथवा उन्हें अधिक कीमत पर नहीं बेचेगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध ई०सी०एक्ट आदि विधियों के अन्तर्गत कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी, कोई भी व्यक्ति इस निषेधाज्ञा की एक या एक से अधिक शर्तों का उल्लंघन करता है, तो वह भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अन्तर्गत दण्ड का भागी होगा। पुलिस को यह अधिकार होगा कि निषेधाज्ञा के उल्लंघन करने वाले को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दें।
यह निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से दिनांक 03.01.2025 से 15.02.2025 तक लागू रहेगी, जिसमें दोनों दिन सम्मिलित है। इस निषेधाज्ञा का व्यापक प्रचार-प्रसार समस्त उपजिला मजिस्ट्रेट, तहसीलदार/खण्ड विकास अधिकारी/समस्त अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका/नगर पंचायतें एवं थानाध्यक्ष अपने-अपने स्तर से अपने-अपने क्षेत्र में करायेंगे और इसकी एक प्रति अपने-अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करायेंगे।
जिला सूचना कार्यालय
अमरोहा।



