गंगाधाम तिगरी में आए श्रद्धालुओं को कवियों ने किया मंत्रमु्ग्ध , देर रात तक डटे रहे

श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय/ संस्थान की ने किया था ऐतिहासिक गंगा मेले में “अखिल भारतीय कवि सम्मेलन” का शानदार आयोजन
“धार्मिक उत्सव न सिर्फ आस्था के, बल्कि उमंग, उल्लास एवं राष्ट्रीय एकता के उद्घोषक- डा. सुधीर गिरी चेयरमैन वेंकटेश्वरा समूह
नवनीत अग्रवाल
तिगरीधाम (अमरोहा)। श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय/ संस्थान के तत्वावधान में गंगाधाम तिगरी में “ऐतिहासिक गंगा मेला के “कल्चरल ग्राउंड” में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिक्षक विधायक डा. हरि सिंह ढिल्लों, जिलाधिकारी राजेश कुमार त्यागी, एसपी कुंवर अनुपम सिंह, सीडीओ, एडीएम एसडीएम ,सीएमओ समेत प्रदेश के कई जनप्रतिनिधियो, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया।
रविवार की रात गंगाधाम तिगरी में लगे राजकीय मेले में “देश के प्रख्यात कवि डॉ. दिनेश रघुवंशी, सुविख्यात कवियत्री अनामिका जैन अंबर,लाफ्टर चैलेंज के विजेता हास्य कवि प्रताप फौजदार, यश भारती से सम्मानित कवित्री डॉक्टर सरिता शर्मा, श्रृंगार रस की बड़ी कवित्री डॉ. सपना सोनी, व्यंग के बड़े कवि सर्वेश अस्थाना, ओज के नामचीन कवि अनिल अनल, समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए एवं स्थानीय कवियों ने एक से एक बढ़कर शानदार प्रस्तुतियां देखकर सुबह चार बजे तक श्रद्धालुओं को बांधे रखा। “ऐतिहासिक गंगा मेला के साथ-साथ संविधान दिवस होने के उपलक्ष में जिलाधिकारी राजेश कुमार त्यागी, पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह, सीडीओ अश्वनी मिश्र, मेलाअधिकारी मायाशंकर यादव आदि ने प्रति कुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी के साथ मिलकर देश के विभिन्न हिस्सों से आए नामचीन कवियों को पगड़ी, पटका संविधान की पुस्तक एवं अशोक स्तंभ भेंट कर सम्मानित किया।
“ऐतिहासिक गंगा मेले के “कल्चरल ग्राउंड” में आयोजित “अखिल भारतीय कवि सम्मेलन” का शुभारंभ करते हुए फरीदाबाद से आए प्रख्यात कवि दिनेश रघुवंशी ने हाल ही में जम्मू कश्मीर में शहीद हुए हमारी सेना के पांच शौर्यवीरों को नमन करते हुए कुछ यूं कहा…..
मिटा पर मातृभूमि की पीर हर आया, सलामी दो।
वो अपने पूर्ण सारे फर्ज कर आया, सलामी दो।
नमन उसे वीरमाता को, पति से गर्व से बोली।
तिरंगे में लिपट कर लाल घर आया, सलामी दो।..
सुनाकर सभी की आंखें नम कर दी।
“श्रृंगार रस की प्रख्यात कवित्री अनामिका जैन अंबर ने माहौल को सुरमई बनाते हुए पढ़ा कि..
जो कानों तक नहीं पहुंचे, वही अल्फाज मत होना।
जिसे दिल जान ना पाए, कभी वो राज मत होना।
है मुमकिन गलतियों से गलतियों का भी तो हो जाना।
मुझे तुम कुछ भी कह लेना मगर नाराज मत होना। सुनाकर खूब वह वाही लूटी।
“लाफ्टर चैलेंज के चैंपियन सरदार प्रताप फौजदार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि 10 साल कुर्सी पर बैठने के बाद भी उन्हें एहसास ही नहीं हुआ कि वह देश के प्रधानमंत्री हैं, इसलिए सिर्फ सरदार होना जरूरी नहीं है, असरदार होना चाहिए।, सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
“राजस्थान दोसा से आई श्रृंगार रस की कवित्री सपना “सोनी” ने कुछ यूं पढ़ा की…
जमीन पे चांद मेरे सामने उतर आया।
जिसे निहार मेरे दिल में प्यार भर आया। खुदा से तेरे सिवा और कुछ नहीं मांगा। जिधर भी देखूं मुझे तू ही तू नजर आया।..
सुनाकर लोगों की खूब तालियां बटोरी।
“वेंकटेश्वरा संस्थान द्वारा आयोजित “अखिल भारतीय कवि सम्मेलन” को देश के नामचीन कवि सर्वेश अस्थाना, ओज के बड़े कवि अनिल अनल, डॉ सरिता शर्मा, डॉ प्रवीण राही, कशिश मुरादाबदी एवं राहुल शर्मा समेत एक दर्जन से अधिक कवियों ने संबोधित किया।
“इस अवसर पर मेलाधिकारी एडीएम माया शंकर यादव, सीएमओ डॉ. एसपी सिंह, वेंकटेश्वरा समूह के प्रधान सलाहकार प्रोफेसर वीपीएस अरोड़ा, सीईओ अजय श्रीवास्तव, प्रभारी कुलपति डॉ. राकेश यादव, कुलसचिव प्रोफेसर पीयूष पांडे, अरुण गोस्वामी, एसएस बघेल, गुरदयाल सिंह, मेरठ परिसर निदेशक डॉ. प्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि उपस्थित रहे।













