अमरोहाउत्तरप्रदेश
झूठ,आतंक और बेशर्म पाकिस्तान की, पोल खोलता भारतः विपिन सागर
पाकिस्तान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह आतंकवाद का गढ़ है। वहां के आतंकवादी, मंत्री, सेना और वायुसेना के बड़े अधिकारी तक झूठ और प्रोपेगैंडा फैलाने में लगे हैं

हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा तो पाकिस्तान की सच्चाई सामने आ गई। पाकिस्तान की वायुसेना के बड़े अधिकारी एयर वाइस मार्शल औरंगजेब अहमद को ही देख लो। इतने बड़े पद पर बैठकर भी वह हंसी का पात्र बन गए। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में औरंगजेब से भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बारे में सवाल पूछा गया।जवाब में वह इतना घबराए कि कुछ समझ ही नहीं आया।
“सेंटर ऑफ ग्रैविटी” जैसे शब्दों का बार बार इस्तेमाल करके उन्होंने अपनी बात को हास्यास्पद बना दिया। सीएनएन पर सोशल मीडिया को स्रोत बताकर झूठ फैलाने की कोशिश की। लेकिन यह झूठ ज्यादा देर नहीं चला। पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे उनके दावे खोखले थे। ऐसे में कौन भरोसा करेगा पाकिस्तान पर? पाकिस्तान की सेना और आतंकवादियों का गठजोड़ भी जगजाहिर हो गया। वहां के आतंकवादी अपने मरे हुए साथियों के शवों के पास दिखे।
हैरानी की बात यह है कि वहां पाकिस्तानी सेना भी मौजूद थी चीन की ओर झुकाव और भारत से टकराव बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को भारी कीमत चुकाने पर मजबूर करेगा यह साफ दिखाता है कि पाकिस्तान की सेना आतंकवादियों के साथ मिली हुई है। यह सबूत अब किसी से छुपा नहीं हैएक सच यह भी है कि भारत ने सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया नागरिकों को नहीं । पाकिस्तान की सेना ने अपने मीडिया के जरिए झूठ फैलाया। साथ ही चीन और तुर्की के प्रोपेगैंडा ने भी पाकिस्तान का साथ दिया लेकिन यह सब बेकार गया।भारत की तरफ से कई देशों में डेलिगेशन भेजे जा रहे हैं। इनमें शशि थरूर जैसे अनुभवी लोग शामिल हैं।
यह डेलिगेशन दुनिया को बताएगा कि पाकिस्तान आतंकवाद को कैसे बढ़ावा देता है।
उसकी सेना, अधिकारी और मंत्री सब मिलकर आतंकवाद को पाल रहे हैं।औरंगजेब जैसे लोग अपनी नाकामी छुपाने के लिए हंसी का पात्र बन रहे हैं। ख्वाजा आसिफ जैसे नेता झूठ बोलकर बेइज्जती करवा रहे हैं।यह वही पाकिस्तान है जो आतंकवाद का दूसरा नाम बन गया है। दुनिया ने भी यह मान लिया है। “चाहे 9/11 का हमला हो या 26/11 का, दोनों में पाकिस्तानियों का हाथ था!
उसकी सेना, अधिकारी और मंत्री सब मिलकर आतंकवाद को पाल रहे हैं।औरंगजेब जैसे लोग अपनी नाकामी छुपाने के लिए हंसी का पात्र बन रहे हैं। ख्वाजा आसिफ जैसे नेता झूठ बोलकर बेइज्जती करवा रहे हैं।यह वही पाकिस्तान है जो आतंकवाद का दूसरा नाम बन गया है। दुनिया ने भी यह मान लिया है। “चाहे 9/11 का हमला हो या 26/11 का, दोनों में पाकिस्तानियों का हाथ था!
(अमरोहा जनपद के गजरौला निवासी लेखक भाजपा में क्षेत्रीय सह संयोजक पुस्तकालय विभाग हैं)



