वृद्धजन समाज की रीढ़, इन्हें कमजोर समझने की न करें भूलः रेखा रानी
कंपोजिट विद्यालय गजरौला में प्रधानाध्यापिका, कवियत्री, राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका रेखा रानी ने किया वृद्धजनों का सम्मान

नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। कंपोजिट विद्यालय गजरौला की प्रधानाध्यापिका, कवियत्री, राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका रेखा रानी ने कहा कि वृद्धजन (माता-पिता) समाज की रीढ़ हैं। इन्हीं के सहारे आगे बढ़कर आज हम अपने परिवार की बागडौर थामे हुए हैं और जीवन में तरक्की के पथ पर अग्रसर हैं। इसलिए इन्हें कमजोर समझने की भूल न की जाए। उन्होंने आज की पीढ़ी को संदेश दिया कि बगैर बुजुर्गों के आशीर्वाद के वे सफलता कभी भी प्राप्त नहीं कर सकते हैं।

बृहस्पतिवार को कंपोजिट विद्यालय गजरौला में वृद्धजन सम्मान दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय में आए दादा, नानी, दादी, सभी को फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। उपहार में टॉर्च प्रदान कर आशीर्वाद स्वरूप उनके आदर्श एवं मूल्यों से छात्र छात्राओं को लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर छात्र छात्राओं संग समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा। राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका रेखा रानी द्वारा यह नवाचार 2013 से किया जा रहा है। इसके फलस्वरूप नामांकन में भी वृद्धि हुई है।

बता दें कि यहां की प्रधानाध्यापिका रेखा रानी और उनके पति रेलवे स्टेशन अधीक्षक देेवंद्र सिंह अपने वेतन से प्रतिमाह एक मोटी रकम इस विद्यालय को संवारने और छात्र-छात्राओं पर खर्च करते चले आ रहे हैं। रेखा रानी और देवेंद्र सिंह कहते हैं कि बच्चे ही हमारे देश का भविष्य हैं। वह खुद को सौभाग्यशाली समझते हैं कि उनकी आय का एक हिस्सा शिक्षण कार्य के लिए खर्च होता है।




