परिवर्तन समाज का महत्वपूर्ण अंगः गिरधारी लाल सैन

जूम एप पर हुई आल इंडिया सैन जी महासंघ ट्रस्ट की 232 वीं बैठक
नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। आल इंडिया सैन जी महासंघ ट्रस्ट की 232 वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष मनोहर ख़ौंडे की अध्यक्षता तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरधारी लाल सैन के संचालन में हुई। बैठक में सामाजिक बदलाव के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य वक्ता ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरधारी लाल सैन ने कहा कि परिवर्तन समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है और समय के साथ साथ जिन लोगों ने परिवर्तन को सूझबूझ के साथ अपनाया, उन्होंने अपने तथा अपने परिवार के साथ समाज में नए मुकाम हासिल किए हैं। राष्ट्रीय संस्थापक एमएस.ठाकुर ने कहा कि आजादी से पूर्व ही औद्योगिक क्रांति से समाज के पुस्तैनी कार्य में बहुत से लोगों ने वैज्ञानिक तकनीक का सहारा लेकर अपनी कार्यशैली में सुधारकर स्वयं को मजबूत करने का प्रयास किया और उसमें ज्यादातर सफल भी हुए परन्तु जिन्होंने प्रयास ही नहीं किया। वो कल भी पिछड़े हुए थे आज भी हैं। यदि समय के साथ बदलाव नहीं किया तो भविष्य में भी पिछड़े ही रहेंगे। गजरौला निवासी राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट मनमोहन सिंह सैन ने कहा कि क्रांति के कई रूप होते हैं। इनमें मुख्य रूप से वैचारिक क्रांति अपने आप में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसलिए पहले दूसरों के विचारों को जो की हमें प्रगति का मार्ग दिखाते है, उन्हें ग्रहण कर गुणवत्तायुक्त शिक्षा ग्रहण कर अपने कार्य में आधुनिकता का रंग भरते हुए आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करें। बैठक में दिलीप येशी,सुंदर सिंह सैन, डा.श्रीओम,रघुवीर सरन,महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा छानीवाल,महिला राष्ट्रीय महासचिव गीता बजाज, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश सैन,देवी प्रकाश,मांगेराम सैन,नरेश सैन,राजकुमार गवली,संगीता गवली,सुरेश सोनपुरे,रामदयाल सैन आदि ने भी विचार व्यक्त किए।




