हसनपुर में मनाई गई तथागत गौतम बुद्ध की जयंती, गोष्ठी का भी आयोजन
क्षेत्रीय सह संयोजक पुस्तकालय विभाग भाजपा पश्चिम क्षेत्र विपिन सागर ने भी रखे ओजस्वी विचार


नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। हसनपुर नगर के कमल पैलेस में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर तथागत गौतम बुद्ध जन्मोत्सव समिति हसनपुर द्वारा गोष्ठी आयोजित की गई। साथ ही गौतम बुद्ध , डा. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। मुख्य अतिथि हसनपुर विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी, विशिष्ट अतिथि पालिकाध्यक्ष राजपाल सैनी के साथ ही रामवीर सिंह, लता सागर पूर्व प्रधानाचार्य महिपाल सिंह, हसनपुर ब्लाक प्रमुख पुत्र मुदित गुर्जर, अध्यक्ष दिनेश गौतम, सभासद यशपाल चौहान, चंद्रपाल सैनी, संजय सहदेव, करण वीर सिंह, उपाध्यक्ष हरीश कुमार सिंह, संयोजक विनोद कुमार गौतम, नन्हे सिंह, रोहतास सिंह, अरविंद अन्ना, रोबिन सिंह, पवन जाटव, आदि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय सह संयोजक पुस्तकालय विभाग भाजपा पश्चिम क्षेत्र विपिन सागर ने कहा-
आत्मदीपो भव।
अपना दीपक स्वयं बनो।
यह त्योहार हमें उस ज्ञान के प्रकाश की याद दिलाता है जो गौतम बुद्ध जैसे महान गुरु के रूप में इस दुनिया में आया। गौतम बुद्ध ने जीवन की सच्चाई को गहरे प्रश्न पूछकर और झूठ को त्यागकर जाना।
बुद्ध पूर्णिमा हिंदू पंचांग के वैशाख माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो हर साल आमतौर पर अप्रैल या मई में आती है। यह त्योहार गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं की याद दिलाती है — उनका जन्म, उन्हें मिला ज्ञान, और उनकी मुक्ति। इसलिए यह दिन शांति, प्रकाश और ज्ञान का सूचक है।
गौतम बुद्ध का जन्म राजकुमार सिद्धार्थ के रूप में हुआ था। वह एक सुंदर महल में रहते थे और उनके पास वह सब कुछ था जो एक राजकुमार चाह सकता है। लेकिन एक दिन जब वह महल से बाहर निकले, तो उन्होंने कुछ ऐसा देखा जिसने उनकी ज़िंदगी को बदल दिया। सिद्धार्थ ने लोगों को दुख में देखा, और यह देखकर उनके मन में गहरे प्रश्न उठे — लोग दुखी क्यों होते हैं? क्या इस दुख का कोई अंत हो सकता है
धर्म की व्याख्या सबसे सरल है
किसी भी आत्मा को हमारी वजह से दुख न पहुंचे यही धर्म हे !!!



