अमरोहाअमेठीअम्बेडकर नगरअलीगढ़आगराआजमगढ़इटावाउत्तरप्रदेशउन्नावएटाऔरैयाकन्नौजकानपुरकानपुर देहातकासगंजकुशीनगरकौशाम्बीखीरीगाजियाबादगाज़ीपुरगोंडागोरखपुरगौतम बुद्ध नगरचंदौलीचित्रकूटजालौनजौनपुरझाँसीदेवरियापीलीभीतप्रतापगढ़प्रयागराजफतेहपुरफर्रुखाबादफिरोजाबादफैजाबादबदायूंबरेलीबलरामपुरबलियाबस्तीबहराइचबागपतबांदाबाराबंकीबिजनौरबुलंदशहरमऊमथुरामहाराजगंजमहोबामिर्जापुरमुजफ्फरनगरमुरादाबादमेरठमैनपुरीरामपुररायबरेलीलखनऊललितपुरवाराणसीशामलीशाहजहाँपुरश्रावस्तीसंत कबीर नगरसंत रविदास नगरसम्भल (भीम नगर)सहारनपुरसिद्धार्थ नगरसीतापुरसुल्तानपुरसोनभद्रहमीरपुरहरदोईहाथरस (महामाया नगर)हापुड़

बुकलाना के रोहित का हुआ अमेरिका में चयन, कैंसर पर करेंगे रीसर्च

अजय गर्ग

बुगरासी (बुलंदशहर) । जनपद बुलंदशहर के तहसील स्याना के गांव बुकलाना निवासी मास्टर राजेन्द्र सिंह के बेटे रोहित कुमार का चयन अमेरिका की यूनिवर्सिटी में हुआ है। वहां रोहित कैंसर की रिसर्च करेंगे और पांच साल रिसर्च के बाद साइंटिस्ट बन जांएगे। अमेरिका में रिसर्च के लिए आने वाला समस्त खर्चा वहां की सरकार ही वहन करेगी। रिसर्च के दौरान रोहित कुमार को प्रति माह तकरीबन तीन लाख 20 हजार रुपए अमेरिका सरकार स्कॉलरशिप भी देगी। पांच साल में अमेरिका सरकार रिसर्च का सारा खर्चा उठाने के अतिरिक्त रोहित कुमार लगभग दो करोड़ की स्कॉलरशिप देगी। अमेरिका में कैंसर रिसर्च के लिए रोहित के हुए चयन को लेकर क्षेत्र भर में खुशी की लहर है। रोहित ने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।

गांव बुकलाना निवासी मास्टर राजेन्द्र सिंह के दूसरे नंबर के बेटे रोहित कुमार का चयन अमेरिका में कैंसर रिसर्च के लिए हुआ है। मास्टर राजेन्द्र सिंह ऊंचागांव स्थित एपी डिग्री कॉलेज में प्राइवेट स्तर पर प्रवक्ता हैं। मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले मास्टर राजेन्द्र सिंह के चार बेटे हैं जिनमें रोहित दूसरे नंबर का है। मास्टर राजेन्द्र सिंह के खुद के शिक्षा से जुड़े होने के कारण उन्होंने बेटों को भी पढ़ाने के लिए पूरी जी जान से मेहनत की है। परिणाम यह रहा कि मास्टर राजेन्द्र सिंह की बच्चों को पढ़ाने की ललक और रोहित की मेहनत रंग ले आई। रोहित कुमार का अमेरिका में कैंसर की रिसर्च के लिए चयन हुआ है। रोहित कुमार ने बताया कि अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मयामी के मयामी शहर स्थित मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन में पांच साल रिसर्च के लिए चयन हुआ है। कैंसर पर पांच रिसर्च की जाएगी। पांच साल चलने वाली इस रिसर्च में तकरीबन तीन करोड़ का खर्चा आएगा। समस्त खर्चा अमेरिका की सरकार देगी। साथ ही अमेरिका सरकार रोहित को भी पांच साल रिसर्च के दौरान लगभग दो करोड़ रुपए स्कॉलरशिप देगी। स्कॉलरशिप प्रति माह दी जाएगी। अमेरिका में चयन होने पर पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर है। पांच साल रिसर्च के बाद रोहित साइंटिस्ट बन देश का पूरे विश्व में रोशन करेंगे। रोहित के पिता राजेन्द्र सिंह ने बताया कि रोहित कुमार ने वर्ष 2015 में जवाहर नवोदय विद्यालय बुकलाना से इंटर की है। वर्ष 2021 में एमएससी आईआईटी दिल्ली से करने के बाद 2024 में एमटेक आईआईटी बॉम्बे से की है। अब रोहित का अमेरिका में कैंसर पर रिसर्च के लिए चयन हुआ है। रोहित कुमार ने इसका श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को दिया है। रोहित कुमार ने बताया कि मध्यम वर्गीय से होने के बाद भी उनका परिवार पढ़ाई के लिए हमेशा अग्रणी रहा है। आज जो मुकाम हासिल हुआ है वह सब परिवार का विशेष सहयोग है।

Khabardar 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!