अमरोहा

भाकियू (शंकर) ने अमरोहा में तहसील पर किया प्रदर्शन, 6 जून को कलेक्ट्रेट का करेंगे घेराव

अधिकारी समय से नहीं पहुंचे तो आमरण अनशन को बाध्य होंगे किसान 

नवनीत अग्रवाल 
अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किसान समस्याओं को लेकर अमरोहा तहसील पर धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।  इस दौरान 12 सूत्री मांगपत्र उपजिलाधिकारी को सौंपते हुए सभी समस्याओं का 5 जून तक निस्तारण कराने की मांग की गई। साथ ही ऐसा नहीं किये जाने पर 6 जून को अमरोहा कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई।
सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की हर घर जल-हर घर नल मिशन योजना पूरी तरह से भृष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। देश की जनता का लाखों करोड़ रुपया पानी में बहा दिया गया है। इस योजना में बहुत ही घटिया स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।  गांवों की सड़कें-खड़ंजे व नालियों को तोड़कर ऐसे ही छोड़ दिया गया है जिस कारण ग्रामीणों व पशुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
किसानों को न लगाने पड़ें बैंकों के चक्कर 
उन्होंने कहा कि देश में किसानों को केसीसी के लिएं खाता लाइफटाइम के लिएं दिया जाए।  जिस बैंक में मिनिमम ब्याज दर की सुविधा हो किसान अपना केसीसी खाता उस बैंक में पोर्ट करा सके। सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी है लेकिन सभी बैंकों ने अभी इसे लागू नहीं किया है।  इसका लाभ सभी किसानों को दिया जाना चाहिए। साथ ही तहसील स्तर पर भूमि बंधक या मुक्त करने की प्रक्रिया को सरल किया जाए।  जिससे किसानों को तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।
किसानों को जबरन नहीं दिया जाए नैनो यूरिया
चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि किसानों को यूरिया व डीएपी के साथ में जबरन तरीके से नैनों यूरिया दिया जा रहा है इस पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए । सरकार द्वारा प्रदेश में जैविक-प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, किंतु किसानों द्वारा इस विधि से उत्पादित फसलों का उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाने से वो हताश हैं।  सरकार को इन सभी फसलों व उत्पादों को उचित मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था करनी चाहिये। विद्युत विभाग द्वारा किसानों को 10 घंटे निर्बाध विधुत आपूर्ति देनी चाहिए। जिससे फसलों की फसलों की सिंचाई हो सके।
अमरोहा विकास प्राधिकरण बने और गंगाधाम तिगरी में हो विद्युत शवदाह गृह का निर्माण
जनपद के समुचित विकास के लिएं अमरोहा विकास प्राधिकरण के गठन किया जाए। गंगाधाम तिगरी में विद्युत शवदाह गृह के निर्माण के साथ तिगरी से ब्रजघाट तक गंगा रिवर फ्रंट बनाते हुए इसे पर्यटक स्थल घोषित किया जाए। ग़जरौला में औद्योगिक इकाइयों द्वारा फैलाये जा रहे प्रदूषण पर रोकथाम की जानी चाहिए। मध्य गंगा नहर फेस 2 का कार्य पूर्ण कराते हुए इसमें पानी छोड़ा जाए।  बागों में खतरनाक पेस्टीसाइड का इस्तेमाल किया जा रहा है।  जिससे मानव जीवन के साथ ही जीव जंतुओं पर गंभीर असर हो रहा है।  इस पर भी रोक लगाई जानी चाहिए। सभी रासायनिक उर्वरकों व पेस्टीसाइड का सेम्पलिंग कराया जाए, इफको जैसी संस्था में अभी राजस्थान में छापा पड़ने पर वहाँ बनने वाले सभी उर्वरक नकली पाए गए, इफको के उत्पादों पर देश का किसान भरोसा करता था लेकिन अब इस खुलासे से किसान हैरान व परेशान हैं। ये नकली उर्वरक किसान की भूमि को बंजर बनाने का काम कर रहे हैं, आज से 3 वर्ष पूर्व भी हमारे संगठन ने इसकी सेम्पलिंग कराई थी जिसमें इसके सभी नमूने फेल पाए गए थे, इस सब पर रोक लगाई जानी चाहिए।आधार कार्ड संसोधन केंद्रों पर आम जनता से अवैध उगाही को बंद कराया जाए,किसानों की खतौनी में नाम पिता का नाम अंश में हुई कमियों के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है, अभियान चलाकर इसे सही कराया जाए। रजिस्ट्रार कार्यालय नवनिर्माण तहसील भवन गुलड़िया में संचालित किया जाए। वेव शुगर मिल धनौरा द्वारा किसानों व अपने कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है,लगभग 1 माह का किसानों का 1 अरब रुपया शुगर मिल दबाए बैठी है, इसके साथ ही इस चीनी मिल में लगभग 105 गन्ना क्रय केंद्र पर 105 चौकीदार व 150 तौल बाबू हैं,जिनको 5 हज़ार चौकीदार व 12 से 15 हज़ार तौल बाबू को वेतनमान दिया जाता है,जिस कारण वह किसानों से एक पर्ची पर 60 किलो गन्ना काटते हैं , संगठन मांग करता है कि उक्त कर्मियों को वेजबोर्ड में शामिल करते हुए उनका वेतन बढ़ाया जाए व किसानों से गन्ने पर कौ कटौती न की जाए। किसान हित में जिला सहकारी बैंक बोर्ड का गठन किया जाए। अगर इन अभी समस्याओं का आगामी 5 जून तक निस्तारण नहीं किया जाता है तो संगठन के द्वारा 6 जून (शुक्रवार) को अमरोहा कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए विशाल धरना-प्रदर्शन व आंदोलन किया जाएगा, जिसमें सम्बंधित विभागों के अधिकारियों का पहुंचना आवश्यक है।जिसमें मुख्य विकास अधिकारी अमरोहा, जिला गन्ना अधिकारी,समस्त मुख्य प्रबंधक चीनी मिल,एसपी तोमर यूनिट हेड वेव शुगर मिल धनौरा,अर्पण आनंद, वेव ग्रुप,परियोजना अधिकारी अमरोहा, अधीक्षण अभियंता विधुत वितरण मंडल अमरोहा, जिला वन अधिकारी,मुख्य अभियंता मध्य गंगा नहर फेस 2,प्रदूषण अधिकारी बिजनौर, डीडीसी चकबंदी अमरोहा, एआर कोऑपरेटिव अमरोहा, जिला आपूर्ति अधिकारी अमरोहा, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी अमरोहा, मुख्य अभियंता जल निगम,जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी,कृषि उपनिदेशक,जिला परिवहन अधिकारी अमरोहा से संवाद किया जाना नितांत आवश्यक है।
अधिकारी नहीं पहुंचे तो किसान होंगे आमरण अनशन को बाध्य
 समय रहते उक्त अधिकारीगण पंचायत स्थल पर नहीं पहुँचते हैं तो संगठन आमरण अनशन व प्रदर्शन करने को मजबूर होगा, जिसकी पूर्ण रूप से जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।इस दौरान चौधरी धर्मवीर सिंह,जगत सिंह चौहान, विक्रम पंवार,अंकित चौधरी, मोनू चौधरी,बबिता रानी,अशोक चौधरी,मंजू शर्मा,राकेश रतनपुर,राजवीर सिंह गुर्ज़र,सुखवीर सिंह, अख्तब,जितेंद्र,सत्यवीर सिंह,देवराज सिंह,दीपक कुमार,ओमवीर सिंह, ठाकुर सिंह,सोमपाल सिंह, डूंगर सिंह,नन्हे सिंह,राजाराम हकीम जी,गुड्डू सिंह,सुभाष आर्य,राजू,अमन चौधरी,प्रदीप सिंह,अतुल कुमार व महिपाल सिंह समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Khabardar 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!