लोक अदालत भारतीय न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ीः जनपद न्यायाधीश

जनपद न्यायाधीश श्री विवेक द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया लोक अदालत का शुभारम्भ
अमरोहा में वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य एवं सफल आयोजन
नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। आज 14 मार्च को जिला न्यायालय परिसर, अमरोहा में वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश श्री विवेक द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमरोहा के सचिव/न्यायाधीश श्री अभिषेक कुमार व्यास द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश, श्री विवेक ने अपने सबोधन में कहा कि लोक अदालत भारतीय न्याय व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसके माध्यम से वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में आपसी सहमति और समझौते के आधार पर विवादों का समाधान किया जाता है, जिससे पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत होती है तथा आपसी सौहार्द भी बना रहता है। उन्होंने उपस्थित वादकारियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से कराकर इस व्यवस्था का लाभ उठाएं।
लोक अदालत के समफ आयोजन हेतु जिला न्यायालय की विभिनन पीठों पर न्यायिक अधिकारियों द्वारा वादों की सुनवाई की गई तथा आपसी समझौते के आधार पर कई मामलों का निस्तारण कराया गया। लोक अदालत में बैंक, विद्युत विभाग, दूरसंचार विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इन विभागों से सम्बन्धित मामलों के समाधान के लिए विशेष काउंटर स्थापित किए गए, जहां पक्षकारों को आपसी सहमति के आधार पर अपने विवादों का निस्तारण कराने का अवसर प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान न्यायालय के न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बडी संख्या में वादकारीगण उपस्थित रहे। लोक अदालत के माध्यम से कई प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया, जिससे पक्षकारों को त्वरित राहत प्राप्त हुई और न्यायिक प्रक्रिया को भी गति मिली।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमरोहा के सचिव श्री अभिषेक कुमार व्यास ने बताया कि लोक अदालत का उददेश्य आमजन को सुलभ, त्वरित एवं किफायती न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति के आधार पर विवादों का समाधान होने से न केवल न्यायालयों में लम्बित वादों की संख्या कम होती है, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द और सद्भाव भी बढ़ता है।

आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 119315 वाद लगाये गये जिसमें से 104758 विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें जिला न्यायालय अमरोहा के कुल 6620 वादों का निस्तारण किया गया है, जिसमें 5731-फौजदारी के वादों का निस्तारण करते हुए 371270/-रू० जुर्माने के रूप में वसूल हुए तथा विधुत अधिनियम के 700 वादों का निस्तारण श्री अरविन्द शुक्ला अपर सत्र न्यायाधीश / पॉक्सो कक्ष संख्या 02. जनपद अमरोहा द्वारा किया गया तथा कुटुम्ब न्यायालय अमरोहा के वादों के निस्तारण हेतु गठित कमेटी द्वारा पारिवारिक मामलों के 53 वादों का निस्तारण करते हुए 4066000/- रू० प्रतिकर के रूप में दिलाये गये और 02 जोडे साथ-साथ रहने को राजी हुए जिनके मामलों का सफल निस्तारण किया गया तथा न्यायालय में ही पति पत्नी ने एक दूसरे को फुलमाला पहनायी और दोनो को जोड़े सहित राजी खुशी विदा किया गया व सिविल के 44 वादों का निस्तारण किया गया तथा (बैंको के ऋण वसूली वाद, दूर संचार के वाद, ए.आर.टी.ओ. के चालान, पुलिस के चालान आदि) का निस्तारण करते हुए कुल 13870793/-रू0 वसूले गये तथा जनपद के सभी तहसीलों व राजस्व न्यायालयों के कुल 2094 वादों का निस्तारण किया गया।

लोक अदालत के सफल आयोजन में जिला न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारीगण पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण श्री लोकेश राय, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शाकिर हुसैन, विशेष न्यायाधीश श्रीमती शैल्जा राठी, श्रीमती हेमलता त्यागी, श्री अरविन्द शुक्ला, नसीमा खानम, ईश्वर सिंह, संजय चौधरी, नाजमीन बानो, ज्योति चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ लकी, चेतना सिंह, अवधेश कुमार तृतीय, गीतिका गर्ग, मोनिका, सुप्रिया शर्मा, अर्पिता सिंह, रीतू लोहा, अभिषेक चौहान, अमनदीप, नसीम अहमद व रश्मि सिंह द्वितीय, अधिवक्तागण तथा न्यायालयीन स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।



