पढ़ाई का बदल रहा ट्रेंड, लाइब्रेरी में कर रहे तैयारी

अजय गर्ग बुगरासी।(बुलंदशहर) समय के साथ पढ़ाई करने का ट्रेंड भी बदलता जा रहा है। घर मे एकांत स्थान की जगह अब युवाओं का रुझान लाइब्रेरी की तरफ बढ़ने लगा है।।शिक्षा के माहौल के लिए अब युवा तैयारी के लिए लाइब्रेरी के लिए रुख कर रहे हैं।
कोरोनाकाल के बाद से ही पढ़ाई का स्तर बदल चुका है। जिस मोबाइल को पढ़ाई से दूर रखा जाता था कोरोना में वही मोबाइल पढ़ाई के लिए एकमात्र साधन रह गया था। समय के साथ धीरे-धीरे पढ़ाई का लेवल बदला तो तैयारी करने का तरीका भी बदल गया। युवा पढ़ने के लिए अलग कमरे से लेकर एकांत के लिए छत व बाग में जाकर पढ़ाई करते थे। लेकिन अब पढ़ने के लिए युवाओं का ध्यान लाइब्रेरी की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहा है। कस्बा क्षेत्र से बड़ी संख्या में अपनी तैयारी के लिए विद्यार्थी स्याना के लिए जाते रहे हैं। स्याना में दर्जन भर से भी ज्यादा लाइब्रेरी खुली हुई हैं। विद्यार्थियों के लाइब्रेरी के बढ़ते रुझान को देखते हुए कस्बे में भी तीन लाइब्रेरी खुल चुकी है। हाल ही में बस स्टैंड पर बैंक रोड पर 100 सीट के साथ विद्यार्थियों के लाइब्रेरी खोली गई है। युवाओं के लाइब्रेरी के बढ़ते रुझान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस लाइब्रेरी की सभी सीट फुल चल रही हैं। लाइब्रेरी में पढ़ने का माहौल मिलने के कारण युवाओं का रुझान बढ़ता जा रहा है। लाइब्रेरी संचालक अयाज अहमद खान ने बताया कि उन्होंने हाल ही में 100 सीट वाली लाइब्रेरी शुरू की है। बच्चों के लिए वाहन पार्किंग से लेकर कैंटीन तथा प्रत्येक सीट पर मोबाइल चार्जिग व बुक सेल्फ की सुविधा दी गई है। शांतिपूर्ण माहौल के साथ गर्मी में तैयारी के लिए से एसी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। बच्चों को लाइब्रेरी में बैठने के बाद केवल पढ़ने के अतिरिक्त कुछ और ध्यान न रहे इस प्रकार का वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
छात्रों ने कहा
लाइब्रेरी में केवल तैयारी करने का मन बनाकर ही सीट बुक कराई जाती है। लाइब्रेरी में पढ़ाई का ही माहौल रहता है। अब कॉम्पटीशन ज्यादा है। ऐसे में तैयारी के लिए शांत वातावरण व पढ़ाई का माहौल बहुत जरूरी है, जो लाइब्रेरी में मिलता है। -दीपक कुमार, अनुज कुमार



