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– यूट्यूब चैनल धाकड़ वन पर धमाल मचा रही राजीव और मोनू की पारिवारिक फिल्म गरीब
मंडी धनौरा के गांव नीलीखेड़ी में हुई फिल्म की शूटिंग, स्थानीय कलाकार भी आएंगे नजर


(फिल्म समीक्षा)
पति की मौत के बाद मां ने मेहनत मजदूरी की, ईंट भट्ठे पर रातदिन मेहनत कर पसीना बहाया सिर्फ अपने इकलौते बेटे को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए लेकिन कलयुगी पुत्र एक युवती के प्रेम में पड़ गया और उससे कोर्ट मैरिज कर मां को ठुकरा दिया। वहीं बेटे की परवरिश के लिए लिया गया कर्ज नहीं चुकाने पर भट्ठा मालिक ने उसके घर पर कब्जा कर लिया। उधर, युवती को जब पता चला कि उसके पति की मां भट्ठे पर मजदूरी करती है तो उसने उसे अपने जीवन से निकाल दिया। एक तरफ सड़क पर रोती बिलखती भटक रही मां और दूसरी ओर प्रेमिका द्वारा ठुकराया गया पुत्र। मां-बेटे का मिलन हुआ तो दोनों काफी फफके। बेटे ने भरोसा दिलाया कि अब वो अपनी मां को छोड़कर कभी नहीं जाएगा और गांव में रहकर उनकी सेवा करेगा। ये है धाकड़वन यू-ट्यूब चैनल पर पांच अप्रेल को प्रदर्शित देहाती फिल्म गरीब की कहानी।
40 मिनट की यह शार्ट मूवी पूरी तरह पारिवारिक है। इसे अपने अभिनय से सजाया है राजीव सिरोही, मोनू धनगड़, समा चौधरी, पूजा एंजल, नवनीत अग्रवाल, बंटी ठाकुर, अनमोल सैनी आदि कलाकारों ने। फिल्म के प्रत्येक दृश्य में जान डालने का प्रयास किया है कैमरामैन प्रिंस सैनी और बंटी ठाकुर की टीम ने। फिल्म की कहानी शुरू होती है गांव में रहने वाले गरीब मजदूर रमेश (राजीव सिरोही) और उनकी पत्नी सुनीता (पूजा एंजल) की बदहाल जिंदगी से। दोनों औलाद नहीं होने से परेशान हैं। इसी बीच सुनीता बताती है कि वो मां बनने वाली है और उसका मन टिक्की खाने को कर रहा है। खुशी से लबरेज रमेश उसके लिए टिक्की लेने जाता है लेकिन रास्ते में सड़क हादसे में उसकी मौत हो जाती है। पति की मौत से सुनीता बेहाल हो जाती है। पुत्र के जन्म लेने पर वह उसकी परवरिश और पढ़ाई के लिए भट्ठा मालिक नवनीत अग्रवाल से पचास हजार रुपये उधार लेती है। इस शर्त के साथ कि यदि रुपये नहीं चुकाए तो वह उसके घर पर कब्जा कर लेंगे। उधर, शहर में पढ़ाई कर रहा बेटा आयुष (मोनू धनगड़) समा चौधरी के प्रेम में पड़ जाता है और उससे कोर्ट मैरिज कर लेता है।
फिल्म का अंत काफी मर्मस्पर्शी और सुखद है। साथ ही संदेश भी देता है कि मातापिता को कभी ठुकराना नहीं चाहिए। अंत में वही काम आते हैं। फिल्म के निर्माता हैं मोनू धनगड़ और निर्देशक बंटी ठाकुर। फिल्म निर्माण में विशेष सहयोग हरियाणवी फिल्मों के सुपरस्टार उत्तर कुमार का रहा।
समीक्षक- नवनीत अग्रवाल



