उद्यमियों की समस्याओं का हो प्राथमिकता से निस्तारण- मुख्य विकास अधिकारी
गजरौला में जुबिलेंट के आगे से शीघ्र हटाए जाएंगे बिजली के जर्जर पोल, सेफ्टी वायर भी लगेंगे

नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी कुमार मिश्र ने कहा कि जनपद में उद्यमियों की समस्याओं का प्रमुखता से निस्तारण कराया जाए। सभी बिंदुओं का प्राथमिकता के साथ निस्तारण हर हाल में अगली बैठक तक अवश्य हो जाए। उन्होंने कहा कि उद्योग बंधु देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

वृहस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी कुमार मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय मासिक उद्योग बन्धु समिति की बैठक का आयोजन किया गया । मुख्य विकास अधिकारी ने उद्योग बंधुओं की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना और संबंधित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि उद्योग बंधुओं की किसी भी समस्या में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राथमिकता के साथ उनकी समस्याओं का निस्तारण हो।

गजरौला में जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड से आए निदेशक जनसंपर्क सुनील दीक्षित ने बताया कि जुबिलेंट के गेट के आगे अभी भी बिजली के जर्जर पोल को हटाया नहीं गया है जबकि यहां हाईवे के अंडरपास और सर्विस रोड का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। कई खंभों पर सेफ्टी वायर भी नहीं लगाए गए। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। बैठक में मौजूद बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता से शीघ्र ही जर्जर पोल हटवाने और सेफ्टी वायर लगाने का आश्वासन दिया।
सीडीओ ने मैसर्स जीआर सॉलवेन्ट एण्ड अलाइड इण्डस्ट्रिज लिमिटेड को नियमित विद्युत सप्लाई से सम्बन्धित प्रकरण, मैसर्स तेवा एपीआई गजरौला में वर्षा काल में बाहर जल निकासी न होने के कारण पानी भर जाने की समस्या सम्बन्धित प्रकरण, ढोलक हस्तकला संगठन जय ओम नगर अमरोहा के विद्युत सप्लाई एवं आरा मशीन लाइसेंस दिलाए जाने प्रकरण, पारुल जिंदल (मैसर्स पारुल पेट्रोलियम प्राइमरी लिमिटेड) द्वारा एनएच-9 गजरौला स्थित एचपीसीएल फ्यूल स्टेशन के प्रकरण, मैसेज संगम मेडिसर्व प्राइवेट लिमिटेड औद्योगिक विद्युत कनेक्शन का प्रकरण, मैसर्स सत्यम एग्रीकल्चर इंडस्ट्रीज की जल भराव हेकी समस्या आदि सहित अन्य समस्याओं को जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्यम को प्रोत्साहित करने इस क्षेत्र में पूंजी निवेश को बढ़ावा देने तथा नए रोजगार सृजित करने हेतु प्रख्यापित की गई है। इस योजना के अन्तर्गत प्रत्येक वर्ष 1 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करने तथा आगामी 10 वर्षों में प्रदेश में 10 लाख सूक्ष्म इकाइया स्थापित करने का उद्देश्य है। योजना में वित्तीय वर्ष 2024-25 में वार्षिक लक्ष्य 1800 के सापेक्ष अद्यतन 2538 आवेदन सम्बन्धित बैंको प्रेषित किया गया था, जिसमें से 485 आवेदन बैंक द्वारा स्वीकृत किये गये थे, तथा 451 ऋण वितरित किये जा चुके है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक लक्ष्य 1800 के सापेक्ष कार्यलय से अद्यतन 2538 आवेदन सम्बन्धित बैंको प्रेषित किये जा चुके है, जिसमें से 485 आवेदन बैंक द्वारा स्वीकृत किये जा चुके है, तथा 451 ऋण वितरित किये जा चुके है।

एक जनपद एक उत्पाद विपणन विकास सहायता (एम.डी.ए.) योजना के अंतर्गत ओडीओपी योजना के तहत घोषित उत्पादों की बिक्री के लिए हस्तशिल्पियों, बुनकरों और कारीगरों को बेहतर मार्केटिंग एवं उचित मूल्य दिलाने के मकसद से एक जनपद एक उत्पाद विपणन विकास सहायता योजना शुरू की गई थी। इसके तहत प्रदेश में लगने वाले मेला प्रदर्शनियों में भाग लेने पर स्टॉल चार्ज का 75 फीसद (अधिकतम 1 लाख, 50 हज़ार रुपये) माल ढुलाई पर आने वाले खर्च का 75 फीसद (अधिकतम 7500 रुपये) और एक व्यक्ति के आने-जाने के लिए ट्रेन के थर्ड एसी अथवा एरी बस का किराया देने का प्रावधान है. जिसमें कार्यलय में प्राप्त आवेदनों को जनपद स्तर पर गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा स्वीकृत कर दावों की सूची आयुक्त एवे निदेशक उद्योग, उद्योग एवं प्रोत्साहन निदेशालय (ओ.डी.ओ.पी. प्रकोष्ठ) को उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। उक्त योजना के अन्तर्गत कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 02 आवेदन एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 02 प्राप्त हुये है।
बैठक में उपायुक्त उद्योग शैलेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों सहित औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधि बंधु उपस्थित रहे।



