श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में ’’जरा याद करो कुर्बानी’’ विराट कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह
कारगिल विजय दिवस पर हुआ भव्य आयोजन, बही वीररस की धारा, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

– संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि, भाजपा क्षेत्रीय महामंत्री विकास अग्रवाल, प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी, जिलाअध्यक्ष उदय गिरि गोस्वामी, भाजयुमो अध्यक्ष शुभम चौधरी ने देशभर से आये कवियों एवं साहित्यकारो को शॉल, पगडी, पटका, तुलसी पौधा, स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र भेंट कर किया सम्मानित
– कारगिल विजय दिवस पर अमेरिका में आयोजित ’’वर्ल्ड पुलिस गेम्स 2025’’ में स्वर्ण विजेता अन्शु चौधरी को भी शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया
– राष्ट्र प्रेम से बढकर कोई प्रेम नहीं एवं राष्ट्र धर्म से बना बडा कोई धर्म नहीं- डा. सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यक्ष वेंक्टेश्वरा समूह
– देश सेवा का मतलब सिर्फ बार्डर पर जाकर लडना नहीं है, अपने-अपने क्षेत्रो में शानदार कार्य करते हुए भ्रष्ट्राचार मुक्त विकसित भारत के निर्माण में योगदान भी सच्ची देश सेवा है- विकास अग्रवाल क्षेत्रीय महामंत्री भाजपा
नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में ’’जरा याद करो कुर्बानी’’ विषय पर विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें देश भर से पधारे विख्यात कवियों एवं साहित्यकारों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत शानदार रचनाऐं सुनाकर सभी की आंखों को नम कर दिया। संस्थान की ओर से कवियो के साथ ही शहीदो के परिजनो को पटका, पगडी, एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

शनिवार को श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान के रविन्द्र नाथ टैगोर सभागार में कारगिल विजय दिवस पर आयोजित ’’जरा याद करो कुर्बानी’’ विराट कवि सम्मेलन का शुभारम्भ संस्थापक अध्यक्ष डा. सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी, भाजपा क्षेत्रीय महामंत्री विकास अग्रवाल, जिलाध्यक्ष उदयगिरि, कुलपति प्रो। कृष्णकान्त दवे, आदि ने सरस्वती मां की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके किया।

विराट कवि सम्मेलन का शुभारम्भ करते हुए युवा कवि सफर अमरोही ने कहा कि…
’’ए जिन्दगी तेरा हर इम्तिहान कबूल है, मैं जुनून से जीता हूँ, यही मेरा उसूल है।’’
ओज के विख्यात कवि एवं कार्यक्रम संचालक डा. राहुल अवस्थी ने कहा कि…
’’ख्याले इश्क जम्मू की सुगढ जागीर जैसा है, जिगर का दर्द पर झेलम नदी के नीर जैसा है।
हमारा कारगिल सा दिल, तुम्हारा दिल कराची सा, हमारा प्यार भारत पाक में कश्मीर जैसा है।’’

कवियत्री डा. मधु चतुर्वेदी ने कारगिल शहीद विजयन्त थापर पर …
’’लौटकर आऊंगा यह सोचकर हूं चला, पर सफर तो सफर राह मत देखना।
आ सका तो मिलूंगा दोबारा तुम्हे, पर मिलन के सपन आह मत देखना।’’
सुनाकर सभी की आँखे नम कर दी।

कार्यक्रम अध्यक्ष कवि यतेन्द्र कटारिया ने पढा कि…
’’समक्ष लक्ष्य एक था, अनेक विघ्न भी, रुके डरे थमे नही मां भारती के लाल सभी।
पहाड़ फाड़ वह बढे, मगेन्द्र से दहाड़ते, समुन्द्र तुल्य झूमते, कुविघ्न राशि ताड़ते।’’
सुनाकर तालिया बटोरी।

वरिष्ठ कवियत्री डा. शशि त्यागी ने पढ़ा…
’’यू आंसू ना बहा मैने कुर्बानी दी है, देश के चैनो अमन शीश निशानी दी है।’’
सुनाकर सभी की आंखें नम कर दी।

हर्ष अमरोही ने कहा कि…
’’शाम ओ गम में दिल लगाने का बहाना सीखिये, जिन्दगी हसने ना दे,
तो मुस्कुराना सीखिये।’’ सुनाकर समा बांध दिया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, कुलसचिव डा. पीयूष पाण्डेय, डा. राजेश सिंह, डा. राजवर्धन, डा. योगेश्वर शर्मा, डा. नीतू पंवार, नसीम अहमद, डा. संजीव भट्, एमए चौधरी, एचआर हेड कुलदीप, मार्केटिंग हेड तरुण कम्बोज, सीएफओ विकास भाटिया, निदेशक वित्त युवराज सिंह, दशमीत बग्गा, डा. तेजपाल सिंह, डा. आशुतोष सिंह, डा. ऐना ऐरिक ब्राउन, डा. अश्विन सक्सेना, डा. एसएन साहू, डा.ओमप्रकाश गोसाई, डा. रामकुमार, डा. मोहित शर्मा डा. अनिल जायसवाल, मारूफ चौधरी, अरुण गोस्वामी, डा. अंजलि भारद्वाज, डा. विकास पाण्डेय, डा. सुमन, जनसंपर्क अधिकारी डा. श्री राम गुप्ता, सचिन कुमार, डा. स्नेहलता डा. आरती गुप्ता आदि भी उपस्थित रहे।




