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मां का दूध बच्चो को अमृत के समान, जरूर कराएं स्तनपान

नवनीत अग्रवाल 

अमरोहा। विश्व स्तनपान सप्ताह के पहले दिन महिलाओं को मां के दूध के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। उनसे बाजार में बिकने वाले मिल्क पाउडर और गाय,भैंस के दूध का सेवन नहीं कराने का आह्वान किया गया। 

मंगलवार को अमरोहा जनपद के गजरौला ब्लाक के गांव ढकियाभूड़ ​में स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डा.नेहा एवं डा.नूरअफसा ने कहा कि अधिकतर महिलाएं डिलीवरी के बाद कुछ दिनों तक बच्चों को अपना दूध पिलाती हैं लेकिन इसके बाद वह बच्चों को  गाय का दूध, भैंस का दूध या फिर डब्बे का दूध (पाउडर) पिलाती हैं। जो कि सही नहीं है। गाय, भैंस के दूध और मिल्क पाउडर से बच्चे के शरीर में पोषक तत्वों की कमी रह जाती है। इन्हें केवल मां का दूध ही पूरा कर सकता है। इसलिए छह माह तक के बच्चों के लिए मां का दूध ही काफी महत्वपूर्ण है। मां का दूध पीने से बच्चे का तेजी से विकास होता है। जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन के मेडिकल हेड डा.सुजिंदर फोगाट ने कहा कि मां के दूध में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। कार्यक्रम में सीएसआर टीम से अजमत, सुमित गर्ग. नवनीत, प्रवीन, सोनू भी रहे। वहीं जुबिलेंट में निदेशक जनसंपर्क सुनील दीक्षित ने बताया कि एक अगस्त से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान ​सप्ताह मनाया जाता है। इस दौरान महिलाओं को जागरूक करने के लिए जुबिलेंट कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।

Khabardar 24

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