किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा सदस्यता शुल्क
जूप एप पर हुईआल इंडिया सैन जी महासंघ ट्रस्ट की 239 वीं बैठक

नवनीत अग्रवाल
अमरोहा/नई दिल्ली। आल इन्डिया सैन जी महासंघ ट्रस्ट दिल्ली की नव वर्ष की पहली वर्चुअल मीटिंग में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली तथा ट्रस्ट की सदस्यता शुल्क वापसी के संबंध पर विस्तृत तरीके से चर्चा की गई।
रविवार को आल इंडिया सैन जी महासंघ ट्रस्ट की जूम एप पर हुई 239 वीं बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरधारीलाल सैन की अध्यक्षता और राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट मनमोहन सिंह सैन के संचालन में हुई।
मुख्य वक्ता चिकित्सा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा..श्री ओम ने कहा कि ट्रस्ट सभी माननीय सदस्यों के सहयोग से समाज सेवा में समर्पित होकर पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है। यदि फिर भी किसी सदस्य या पदाधिकारी को कोई शंका उत्पन्न होती है तो शीघ्र ही कोर कमेटी उसका निराकरण करेगी।
राष्ट्रीय संस्थापक एमएस ठाकुर ने कहा कि ट्रस्ट परिवार अभी बाल्यावस्था में है । बहुत जल्द हम सभी मिलजुलकर ट्रस्ट के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करने में सक्षम होगे। साथ ही सदन में ट्रस्ट द्वारा दिल्ली तथा अजमेर राजस्थान में सर्व सम्मति से पास की गई योजना को जारी रखने तथा किसी सदस्य द्वारा सदस्यता शुल्क वापस करने की मांग के संबंध में सभी की राय मांगी। सभी ने नई योजना को जारी रखने तथा सदस्यता शुल्क किसी भी स्थिति वापस ना करने पर सहमति व्यक्त की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरधारीलाल सैन ने नववर्ष में ट्रस्ट की पहली बैठक में सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए ट्रस्ट परिवार को आगे बढ़ाने तथा अनुशासन हीनता करने वाले को बाहर का रास्ता दिखाने में संकोच ना करने की बात कही।
अमरोहा जनपद के गजरौला निवासी राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट मनमोहन सिंह सैन ने कहा कि जिस व्यक्ति के अंदर नैतिकता का अभाव होता है, वही अपनी ताकत का दुरुपयोग करते है। हमे नैतिकता का पालन करते हुए एक लक्ष्य निर्धारित कर गलतियों से सीख लेते हुए अपनी तुलना किसी से ना करते हुए सबको सम्मान देते हुए अपने लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर घनश्याम ठाकुर,राजकुमार गवली,देवी प्रकाश,दिलीप येशी,मदन कुमार,जयकिशन ठाकुर,महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा छानीवाल,मांगे राम सैन,ललित कुमार, डा. प्रवीण कुमार,राष्ट्रीय संरक्षक राजेंद्र सैन, चुन्नीलाल निर्माण,डाक.रंजन कुमार,कमलेश सैन,कुंजबिहारी सविता,मनोज सैन,सुरेश चंद्र शर्मा,विनोद कुमार सैन,नरेश कुमार सैन,कृष्ण मोहन सैन,रामदयाल दशोरे, ओपी सैन आदि ने भी विचार व्यक्त किए।



