आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीयः डा.रविंद्र शुक्ला एड.
इंसानों की सुरक्षा और बेजुबान जानवरों के अधिकार,दोनों का ख्याल रखता है यह फैसला

नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सोशल एक्टिविस्ट एवं पीपुल फॉर एनिमल आर्गेनाइजेशन के जिलाध्यक्ष डा. रवींद्र शुक्ल एडवोकेट ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बेहद मानवीय है कि अब गली के कुत्ते अपने घर पर ही रहेंगे।
शुक्रवार की शाम गजरौला में जारी बयान में डा. रवींद्र शुक्ल एडवोकेट ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रीट डॉग्स के संबंध में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि नसबंदी, वैक्सीनेशन और डिवॉर्मिंग के बाद गली के कुत्तों को उनके मूल स्थान पर ही रहने दिया जाएगा। केवल बीमार या बहुत आक्रामक कुत्तों को शेल्टर में रखा जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि अब सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्थित ढंग से खाना खिलाने के बजाय विशेष फीडिंग ज़ोन बनाए जाएं।
यह फैसला इंसानों की सुरक्षा और जानवरों के अधिकार—दोनों का ख्याल रखता है। यह करुणा और संवेदनशीलता का संदेश भी देता है।
पीपल फॉर एनिमल्स ऑर्गेनाइजेशन, जनपद अमरोहा इस फैसले का स्वागत करता है और जनता से अपील करता है कि वे कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करें और गली के मासूम कुत्तों के साथ सौहार्द और करुणा का रिश्ता बनाए रखें!




