“ब्रेन ट्यूमर जानलेवा पर लाइलाज नही”, “विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस” पर वैंकटेश्वरा में हुई संगोष्ठी

– प्रधानमंत्री के “स्वस्थ भारत – आयुष्मान भारत” के सपने को साकार कर रहा है श्री वैंकटेश्वरा – डा. सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यक्ष, श्री वैंकटेश्वरा समूह
– शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में बहुत ही उत्कृष्ट कार्य कर रहा है वैंकटेश्वरा – राजेश कुमार त्यागी, जिलाधिकारी
– मोबाइल रेडियेशन, अत्यधिक इलेक्ट्रोनिक उपकरणों का अंधाधुंध इस्तेमाल, पाश्चात्य जीवन-शैली ब्रेन ट्यूमर का सबसे बड़ा कारण – प्रोफेसर आईबी राजू विख्यात सर्जन एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
– विश्व में दस लाख से अधिक ब्रेन ट्यूमर के मरीजों में से हर साल लगभग पचास हजार लोगों की जान ले लेता है ब्रेन ट्यूमर – लेफ्टिनेंट कर्नल डा. रविमोहन शर्मा, विख्यात मानसिक रोग विशेषज्ञ
– मानसिक रोगों के इलाज के लिए विम्स पश्चिमी उत्तर प्रदेश का “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस”- डा. राजीव त्यागी, प्रतिकुलाधिपति, श्री वैंकटेश्वरा विश्वविद्यालय/ संस्थान
नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वैंकटेश्वरा समूह के विम्स हॉस्पिटल/संस्थान एवं वीजीआई मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में “विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस” पर “ब्रेन ट्यूमर जानलेवा पर लाइलाज नही” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमे देश के विख्यात सर्जन प्रोफेसर डा. आईबी राजू ने ‘ब्रेन ट्यूमर’ के कारणों पर विस्तार से बताते हुए इसके लक्षणों एवं उपचार पर प्रकाश डाला |‘मेंटल हेल्थ’ के लिए शानदार कार्य करने पर उनके साथ ही विख्यात मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. रविमोहन शर्मा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
रविवार को श्री वैंकटेश्वरा विश्वविद्यालय/ संस्थान के डा. सीवी.रमन सभागार में “विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस” पर आयोजित संगोष्ठी का शुभारम्भ संस्थापक अध्यक्ष डा. सुधीर गिरि, अमरोहा के डीएम राजेश कुमार त्यागी, पूर्व कमिश्नर बलविंदर कुमार, प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी, विख्यात सर्जन प्रोफेसर डा. आईबी राजू, मानसिक रोग विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट डा. रविमोहन शर्मा ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया । विख्यात सर्जन प्रोफेसर डा.आईबी राजू ने कहा कि अत्यधिक रेडियेशन, इलेक्ट्रो मैग्नेटिक उपकरणों का अंधाधुंध इस्तेमाल एवं पाश्चात्य जीवन-शैली ब्रेन ट्यूमर के मुख्य कारण है। यदि शुरूआती दौर में ही इसका पता चला जाए तो मरीज को आसानी से बचाया जा सकता है। यह जानलेवा बीमारी ‘कैंसरस एवं नॉन कैंसरस’ दोनों प्रकार का होता है | उन्होंने युवाओं से ‘अत्यधिक मोबाइल का प्रयोग एव देर रात तक मोबाइल पर काम नहीं’ करने की नसीहत भी दी। इस शानदार आयोजन के अवसर पर चिकित्सकों की टीम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आई. बी. राजू, डीन अकादमिक डा.संजीव भट्ट, डा. ईकराम ईलाही, डा. मानिक त्यागी, डा. शाहिद मीर, डा. प्राची त्यागी, कुलसचिव प्रो. डा. पीयूष पाण्डेय, डा. दिव्या गिरधर, डा. शिवम अग्रवाल, डा. रोहन त्यागी, डा. रवि मोहन, डा. मोनिका देशवाल, डा. शाहिद मीर, डा. प्राची त्यागी, डा. मोनिका, डा. कोमल, डा. जी. मनीषा, डा. अनुकृति, डा. स्नेहलता, डा. विवेक सचान, डा. योगेश्वर शर्मा, डा. अनिल कुमार जायसवाल, श्री एस.एस. बघेल, अरुण गोस्वामी, मारुफ़ चौधरी, विशाल शर्मा, सौमिक बनर्जी, रिंकी शर्मा, संजीव राय एवं जनसंपर्क विभाग से श्री राम गुप्ता मेरठ परिसर से डा. प्रताप सिंह मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि उपस्थित रहे |











