अमरोहाउत्तरप्रदेश

अमरोहा में 100 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सबसे कमजोर बच्चों की होगी जांचः डीएम 

 15 से चलेगा ग्रोथ मेजरमेंट अभियान, जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने दिए निर्देश एक भी बच्चा न छूटे

नवनीत अग्रवाल 

अमरोहा। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि 15 जुलाई से शुरू हो रहे संभव अभियान 5.0 के तहत जनपद में कमजोर और नाटे बच्चों की पहचान और उनके पोषण स्तर के यथार्थ मूल्यांकन के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के 100 ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों को चिह्नित किया गया है। जहां सर्वाधिक संख्या में स्टंटिंग (नाटापन) से पीड़ित 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे हैं। इन केंद्रों पर 15 जुलाई से ग्रोथ मेजरमेंट (लंबाई, ऊंचाई व वजन) का कार्य शुरू किया जाएगा।

सोमवार को डीएम ने 15 जुलाई से शुरू होने वाले संभव अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कुपोषित और कम हाइट वाले बच्चों को चिन्हित कर उनकी डाइट में सभी पोषक तत्व देते हुए उनको कुपोषित की श्रेणी से बाहर निकलना है। उन्होंने कहा कि यह कार्य देश और प्रदेश के विकास के लिए बहुत जरूरी है। कोई भी बच्चा कुपोषित रहकर पीछे न रह जाए इसलिए ये अभियान शुरू किया गया है। जिससे सभी कुपोषित बच्चे स्वस्थ होकर एक अच्छा जीवन जीते हुए देश की प्रगति में योगदान दे सके। उन्होंने बताया कि अभियान के अन्तर्गत 100 ग्राम पंचायतों के नोडल अधिकारी नामित किए गए है जिन्हें सही से वजन तथा लम्बाई नापने हेतु निर्देशित किया गया है ताकि नाटेपन एवं लो बर्थ वेट रेट में कमी लाई जा सके।

इससे पहले सोमवार को प्रमुख सचिव, निदेशक बाल विकास की अध्यक्षता में नोडल अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें लखनऊ से ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर मेजरमेंट प्रक्रिया के सभी बिंदुओं पर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण मे पोषण ही बच्चे के संपूर्ण विकास की बुनियाद है बात पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान अगर ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस में कोई तकनीकी दिक्कत आती है, तो तुरंत दूसरी मशीन से रिप्लेस किया जाए। किसी भी हाल में अभियान की रफ्तार न रुके। हर नोडल अधिकारी सुबह पूर्वाह्न 09 बजे पर समय से केंद्र पहुंचे और कोई भी बच्चा मापन से वंचित न रहे। बच्चों को केंद्र पर लाने की जिम्मेदारी सहायिका की होगी, जिसकी निगरानी सीडीपीओ करेंगे। डीएम ने कहा कि सभी अफसर जिम्मेदारी को निजी रुचि से निभाएं।

मापन कैसे होगा? डीपीओ ज्ञान प्रकाश तिवारी ने समझाया तरीका

डीपीओ ने बताया कि नोडल अधिकारी संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई नामवार सूची के अनुसार बच्चों का वजन एवं ऊंचाई अपने सामने मापेंगे। यदि पोषण ट्रैकर पर दर्ज पुराने आंकड़ों में कोई अंतर पाया गया तो संशोधित आंकड़े पोषण ट्रैकर पर अपडेट किए जाएंगे और रिपोर्ट में इस अंतर का स्पष्ट उल्लेख भी किया जाएगा। यदि कोई बच्चा 15 जुलाई को मेजरमेंट से छूट जाता है तो उसका मापन 16 जुलाई को किया जाएगा, जिससे कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहे।

संभव अभियान : हर केंद्र पर तैनात नोडल अधिकारी, बीडीओ होंगे पर्यवेक्षक

जिले में ग्रोथ मेजरमेंट के लिए मजबूत इंतजाम किए गए हैं। हर आंगनबाड़ी केंद्र पर एक नोडल अधिकारी तैनात किया गया है, जबकि बच्चों के मापन की जिम्मेदारी सीएचओ को दी गई है। 4–5 केंद्रों पर एक सेक्टर अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनमें खंड शिक्षा अधिकारी और आपूर्ति निरीक्षक शामिल हैं। ब्लॉक स्तर पर बीडीओ को पर्यवेक्षक बनाया गया है। लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए सीडीपीओ और मुख्य सेविकाएं जिम्मेदार होंगी। सभी 100 केंद्रों पर ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस उपलब्ध करा दी गई हैं।

जिला स्तर पर वॉर रूम की व्यवस्था

मापन कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए जनपद स्तर पर एक वॉर रूम भी स्थापित किया गया है। किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारी परियोजना के बाल विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते है। इसके लिए सभी बीडीओ, बीईओ, आपूर्ति निरीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

 

Khabardar 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!