“दा विनिंग फार्मूला” प्रेरक पुस्तक के लेखक “के जी अल्फांसो” का वेंक्टेश्वरा में राष्ट्रीय व्याख्यान
भारत सरकार के पूर्व पर्यटन मंत्री (पहली मोदी कैबिनेट) टाइम्स मैगजीन में विश्व की सौ प्रभावशाली लोगों में शुमार विख्यात पूर्व आईएएस केजी अल्फांसो जल्द ही विश्वविद्यालय के गवर्नर बोर्ड को करेंगे सुशोभित

नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। आज का दिन श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय / संस्थान के लिए बेहद ही गौरवमयी रहा । प्रथम मोदी कैबिनेट में पर्यटन मंत्री स्वतंत्र प्रभार भारत सरकार एवं पूर्व आईएएस, टाइम मैगजीन में विश्व की सौ प्रभावशाली हस्तियों में जगह बनाने वाले सुप्रसिद्ध प्रेरक पुस्तक “द विनिंग फार्मूला” के लेखक केजी अल्फांसो ने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित “संघर्ष से सफलता की ओर” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि/ मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करते हुए संस्थान में उपस्थित छात्र-छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करते हुए अपने जीवन में सफलता के “फाइव एस” के दम पर दुनिया जीतने के गुरु सिखाए । वेंकटेश्वर समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा. सुधीर गिरि ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप जैसे महान व्यक्तित्व को आज अपने बीच पाकर पूरा विश्वविद्यालय परिवार स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। संस्थापक अध्यक्ष डा. सुधीर गिरि ने उनसे विश्वविद्यालय के गर्वनिंग बोर्ड में नामित होने का आग्रह किया। जल्द ही वह वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के गर्वनिंग बोर्ड को सुशोभित करेंगे।
इन्होंने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
– बृहस्पतिवार को श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय / संस्थान के सीवी रमन सभागार में “संघर्ष से सफलता की ओर विषय” पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि केजी अल्फांसो, संस्थापक अध्यक्ष डा. सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी, कुलपति प्रोफेसर डा. कृष्णकांत दबे आदि ने सरस्वती मां की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया।
मुख्य अतिथि ने ये कहा अपने संबोधन में
-अपने संबोधन में मुख्य अतिथि / मुख्य वक्ता केजी अल्फांसो ने कहा कि युवा विफलताओं से ना घबराएं बल्कि विपरीत परिस्थितियों में मुस्कराकर आगे बढ़ते हुए सफलता के यूनिवर्सल “फाइव एस” जिसमें सेल्फ एटीट्यूड, सेल्फ आइडेंटिटी, सेल्फ कॉन्फिडेंस, सेल्फ यूनीकनेस, और सेल्फ कमिटमेंट के दम पर आप सारी दुनिया जीत सकते हैं । उन्होंने स्वामी विवेकानंद के साथ-साथ अपना स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे दसवीं कक्षा में मात्र 42% अंकों के साथ पास होने वाला एक बेहद कमजोर बच्चा यूपीएससी की परीक्षा में अपनी दृढ़ निश्चय और “फाइव एस” के दम पर यूपीएससी का टॉपर बना। अपने दृढ़ निश्चय के दम पर कैसे उन्होंने दिल्ली की 14000 अवैध इमारत को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया । बहुत सारे राजनीतिक दबाव को ना करते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने दिल्ली को एक नए राज्य के रूप में दुनिया के सामने स्थापित करने का काम किया।
इन्होंने भी रखे विचार, मौजूद रहे ये लोग
“संघर्ष से सफलता की ओर” एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार को संस्थापक अध्यक्ष डा.. सुधीर गिरि प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी, कुलपति कृष्णकांत दवे, आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे, कुलसचिव प्रो.. पीयूष पांडे, डा. राजेश सिंह, डीन मेडिकल डा. संजीव भट्ट, डा. टीपी सिंह, डा. सीपी सिंह, डा. आशुतोष गौतम, डा. नीतू सिंह, डा. एना ब्राउन, डा. योगेश्वर सिंह, डा. स्नेहलता गोस्वामी, डा. श्रीराम गुप्ता एवं मेरठ परिसर से निदेशक डा. प्रताप सिंह एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि उपस्थित रहे।



