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जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन और जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड ने 5000 युवाओं को क्यूएसआर उद्योग में करियर बनाने के लिए दिया कौशल
विशेष कौशल विकास प्रोग्राम जेएफएआरएम ने पूरे किए तीन साल


नवनीत अग्रवाल
नोएडा, 12 जनवरी 2026। जुबिलेंट भरतिया ग्रुप की सामाजिक शाखा जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन ने जेएफएआरएम (जुबिलेंट फूडवर्क्स एकेडमी फॉर रेस्टोरेन्ट ऑपरेशंस एंड मैनेजमेंट) के तीन साल पूरे होने का जश्न मनाया। यह जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड की सीएसआर आधारित कौशल विकास पहल है। जिसने 5000 से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के मार्ग प्रशस्त किए हैं। यह प्रोग्राम युवाओं को भारत के तेजी से विकसित होते क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) उद्योग के लिए जरूरी कौशल प्रदान करता है तथा युवाओं को बदलावकर्ता के रूप में सशक्त बनाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन इनमें से कुछ युवा बदलावकर्ताओं को एक मंच पर लेकर आया। जबकि अधिक से अधिक लोगों को उनके अनुभवों एवं सफलता की कहानियों से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इनमें से 70 फीसदी से अधिक एल्यूमनाई आज देशभर में क्यूएसआर संगठनों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
इस अवरस पर राहुल भारदे, चीफ एनालिटिक्स ऑफिसर, सीनियर वाईस प्रेज़ीडेंट – एनालिटिक्स एंड इनोवेशन एवं सीएसआर, जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड ने कहा कि “जब कौशल विकास को लॉन्ग टर्म इरादे के साथ सुनिश्चित किया जाता है तो यह एक सशक्त प्रणाली का निर्माण करता है। पिछले सालों के दौरान हमने उद्योग जगत के अनुकूल ऐसे व्यवहारिक एवं अनुकरणीय मॉडल बनाए हैं, जहां प्रशिक्षण, रोज़गार क्षमता एवं निरंतरता का संयोजन कार्यबल में प्रवेश करने वाले युवाओं को अनुकूल परिणाम देता है।
इस अवरस पर राहुल भारदे, चीफ एनालिटिक्स ऑफिसर, सीनियर वाईस प्रेज़ीडेंट – एनालिटिक्स एंड इनोवेशन एवं सीएसआर, जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड ने कहा कि “जब कौशल विकास को लॉन्ग टर्म इरादे के साथ सुनिश्चित किया जाता है तो यह एक सशक्त प्रणाली का निर्माण करता है। पिछले सालों के दौरान हमने उद्योग जगत के अनुकूल ऐसे व्यवहारिक एवं अनुकरणीय मॉडल बनाए हैं, जहां प्रशिक्षण, रोज़गार क्षमता एवं निरंतरता का संयोजन कार्यबल में प्रवेश करने वाले युवाओं को अनुकूल परिणाम देता है।
इस अवसर पर राहुल भारदे, चीफ एनालिटिक्स ऑफिसर, सीनियर वाईस प्रेज़ीडेंट – एनालिटिक्स एंड इनोवेशन एवं सीएसआर, जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड ने कहा कि “जब कौशल विकास को लॉन्ग टर्म इरादे के साथ सुनिश्चित किया जाता है तो यह एक सशक्त प्रणाली का निर्माण करता है। पिछले सालों के दौरान हमने उद्योग जगत के अनुकूल ऐसे व्यवहारिक एवं अनुकरणीय मॉडल बनाए हैं, जहां प्रशिक्षण, रोज़गार क्षमता एवं निरंतरता का संयोजन कार्यबल में प्रवेश करने वाले युवाओं को अनुकूल परिणाम देता है।
इस अवसर पर विवेक प्रकाश, एसवीपी एवं हेड, जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन ने कहा कि “यह देखकर बेहद गर्व का अनुभव होता है कि हमारे प्रोग्राम के माध्यम से प्रशिक्षित युवा पेशेवरों को देश भर में क्यूएसआर ब्राण्ड्स के साथ बेहतरीन करियर बनाने के अवसर मिल रहे हैं। सम्मान समारोह के माध्यम से हम न सिर्फ इन एल्यूमनाई की उपलब्धियों का बल्कि उनकी सफलता की कहानियों का जश्न भी मनाना चाहते हैं। उनकी यात्रा एवं अनुभवों को इस मंच पर साझा करना बहुत से अन्य युवाओं को भी बड़े सपने देखने और उज्जवल भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
2023 में जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड के लिए लॉन्च किया गया जेएफएआरएम क्यूएसआर कौशल विकास प्रोग्राम भारत के 12 राज्यों में लागू किया गया है। इनमें खासतौर पर टियर-2 शहरों एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया गया है। इस प्रोग्राम के शुरूआत के बाद से हर बैच में 70 फीसदी से अधिक प्लेसमेन्ट रेट हासिल हुई है।
इस प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण केन्द्रों को ऑपरेशनल हब्स के नजदीक स्थापित किया जाता है, ताकि प्रशिक्षण से रोज़गार तक पूरी प्रक्रिया आसान हो जाए और वर्कफोर्स रिटेंशन में सुधार हो। बड़ी संख्या में एल्युमनाई क्यूएसआर सेक्टर में ही अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जो शॉर्ट टर्म प्लेसमेन्ट के बजाए स्थायी आजीविका पर प्रोग्राम के फोकस की पुष्टि करता है।
वंचित समुदायों के युवाओं को कार्यबल हेतु तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह प्रोग्राम पांच सप्ताह के मॉडल के माध्यम से उद्योग जगत के अनुकूल व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।
2023 में जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड के लिए लॉन्च किया गया जेएफएआरएम क्यूएसआर कौशल विकास प्रोग्राम भारत के 12 राज्यों में लागू किया गया है। इनमें खासतौर पर टियर-2 शहरों एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया गया है। इस प्रोग्राम के शुरूआत के बाद से हर बैच में 70 फीसदी से अधिक प्लेसमेन्ट रेट हासिल हुई है।
इस प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण केन्द्रों को ऑपरेशनल हब्स के नजदीक स्थापित किया जाता है, ताकि प्रशिक्षण से रोज़गार तक पूरी प्रक्रिया आसान हो जाए और वर्कफोर्स रिटेंशन में सुधार हो। बड़ी संख्या में एल्युमनाई क्यूएसआर सेक्टर में ही अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जो शॉर्ट टर्म प्लेसमेन्ट के बजाए स्थायी आजीविका पर प्रोग्राम के फोकस की पुष्टि करता है।
वंचित समुदायों के युवाओं को कार्यबल हेतु तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह प्रोग्राम पांच सप्ताह के मॉडल के माध्यम से उद्योग जगत के अनुकूल व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।
इस प्रोग्राम में क्लासरूम प्रशिक्षण, व्यवहारिक ज्ञान, निगरानी एवं ऑन-द-जॉब लर्निंग के साथ-साथ प्लेसमेन्ट में सहयोग भी
शामिल है। कम से कम 10वीं कक्षा पास उम्मीदवार इस प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं, ऐसे में क्यूएसआर सेक्टर में प्रवेश युवाओं के लिए बेहद सुलभ है। जेएफएआरएम प्रोग्राम राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप युवाओं की रोजगार क्षमता
पर ध्यान केन्द्रित करता है. उन्हें कार्यबल के तैयार करता है तथा संरचित एवं उद्योग जगत के अनुकूल कौशल पहलों के माध्यम से समावेशी आर्थिक भागीदारी को समर्थन प्रदान करता है।
जेएफएआरएम जैसी पहलों के माध्यम से जुबिलैंट भारतीय फाउन्डेशन ने ऐसे प्रोग्रामों के जरिए अपस्किलिंग एवं समुदाय की क्षमता निर्माण पर फोकस किया है. जो युवाओं को उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार रोजगार के लिए तैयार करते हैं।
शामिल है। कम से कम 10वीं कक्षा पास उम्मीदवार इस प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं, ऐसे में क्यूएसआर सेक्टर में प्रवेश युवाओं के लिए बेहद सुलभ है। जेएफएआरएम प्रोग्राम राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप युवाओं की रोजगार क्षमता
पर ध्यान केन्द्रित करता है. उन्हें कार्यबल के तैयार करता है तथा संरचित एवं उद्योग जगत के अनुकूल कौशल पहलों के माध्यम से समावेशी आर्थिक भागीदारी को समर्थन प्रदान करता है।
जेएफएआरएम जैसी पहलों के माध्यम से जुबिलैंट भारतीय फाउन्डेशन ने ऐसे प्रोग्रामों के जरिए अपस्किलिंग एवं समुदाय की क्षमता निर्माण पर फोकस किया है. जो युवाओं को उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार रोजगार के लिए तैयार करते हैं।



