बीएसडी अकेडमी में 28 बच्चों को किया सम्मानित, सैनिक स्कूल लखनऊ और गोरखपुर में हुआ है चयन
मंडी धनौरा में आयोजित समारोह में अतिथियों ने प्रबंधक नितिन धारीवाल और निर्देशिका सुशीला देवी की भी की प्रशंसा
– बच्चों को सम्मानित होता देख गौरवान्वित नजर आए अभिभावक
नवनीत अग्रवाल
अमरोहा। उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल लखनऊ और गोरखपुर में प्रवेश परीक्षा पास करने वाले बीएसडी अकेडमी मंडी धनौरा के 28 छात्रों को समारोह में सम्मानित किया गया। अतिथियों ने उनकी मेहनत और लगन की प्रशंसा की। साथ ही इसके लिए बीएसडी अकेडमी के प्रबंधक नितिन धारीवाल एवं निर्देशिका सुशीला देवी समेत समस्त स्टाफ को साधुवाद दिया।
रविवार को मंडी धनौरा में बीएसडी अकेडमी की ओर से आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि नौगांवा सादात के विधायक समरपाल सिंह के पुत्र युवा नेता प्रतीक धारीवाल ने कहा कि बीएसडी अकेडमी मुरादाबाद मंडल की अग्रणी अकेडमी है। यहां से शिक्षा ग्रहण करने वाले सबसे अधिक बच्चे ही देश भर में सैनिक स्कूलों में जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने बीएसडी अकेडमी के प्रबंधक नितिन धारीवाल एवं निर्देशिका सुशीला देवी के साथ ही समस्त स्टाफ की प्रशंसा की। कहा कि अनुशासन इस अकेडमी की सबसे बड़ी विशेषता है। यहां प्रत्येक बच्चे के साथ समान व्यवहार किया जाता है। यही वजह है कि यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चे न केवल अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर होते हैं बल्कि देशसेवा भी उनमें कूटकूटकर भरी होती है। समाजसेवी तेजवीर सिंह अलुना एवं चौधरी चंद्रशेखर आजाद ने भी चयनित बच्चों को शुभाशीष दिया। कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए अनुशासन बेहद जरूरी है और बीएसडी अकेडमी में अनुशासन ही सर्वोपरि है।
बीएसडी अकेडमी के प्रबंधक नितिन धारीवाल ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने और कुछ कर दिखाने के लिए दृढ़ निश्चयी होना बेहद जरूरी है। उनके लिए अकेडमी का एक-एक बच्चा भारत माता के सपूत के समान है। वह चाहते हैं कि यहां शिक्षा ग्रहण करने वाला प्रत्येक छात्र भारत माता की सेवा करे और देश भर में अपना नार रोशन करे। समारोह में अभय चौधरी, जयदेव सिंह,आदित्य, कार्तिक, सारांश, हर्ष, रक्षित, मनिक, अक्षत, हसन खान, अक्षित, दक्ष,अर्पण, विमल, लक्ष्य, अभिमन्यु, कपिल, यश, चैतन्य, मनी, अबूजर, साबिह रजा, नमनदीप, साकिब, मनप्रीत, हर्षदीप अक्षी एवं रिया को सम्मानित किया गया। इस दौरान इन बच्चों के अभिभावक भी मौजूद रहे।





