अमरोहाउत्तरप्रदेश

स्वामी विवेकानन्द जयंती पर वेंक्टेश्वरा में “वेंक्टेश्वरा युवा महोत्सव-2025” का शानदार आगाज

 तीन दिवसीय युवा महोत्सव में रन फॉर यूनिटी, कबड्डी, सांस्कृतिक आयोजन, रक्तदान शिविर, रस्साकशी समेत कई कार्यक्रम होगे आयोजित

-संस्थान परिसर में रैली निकालकर एवं “रन फॉर यूनिटी” से दिया विश्व शान्ति का संदेश 

-भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर अंकित कराने वाले पहले महामानव थे स्वामी विवेकानन्द- डा. सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यक्ष वेंक्टेश्वरा समूह

-युवाओं के आदर्श, विश्व शान्ति के संवाहक स्वामी विवेकानन्द जी के विचार आज भी प्रांसगिक- डा. राजीव त्यागी, प्रतिकुलाधिपति, श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय

-स्वामी विवेकानन्द ने पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का डंका बजाया- प्रो. (डा.) कृष्ण कान्त दवे, कुलपति, श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय

-दौ सौ यूनिट से अधिक रक्त संचय कर युवाओं ने लिया जीवन बचाने का संकल्प

नवनीत अग्रवाल

अमरोहा। श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय / संस्थान में युवाओ के प्रणेता, युग प्रवर्तक, भारतीय संस्कृति के वैश्विक संवाहक स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर “वेंक्टेश्वरा युवा महोत्सव-2025” का शुभारम्भ हुआ । तीन दिनों तक चलने वाले इस युवा महोत्सव में विभिन्न खेलकूद प्रतियोगितायें, सांस्कृतिक आयोजन, रक्तदान शिविर,यातायात जागरूकता, महिला सशक्तीकरण समेत एक दर्जन से अधिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे ।

रविवार को अमरोहा जनपद के गजरौला में हाईवे किनारे स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय / संस्थान के सीवी रमन सभागार में “वेंक्टेश्वरा युवा महोत्सव-2025” का शुभारम्भ समूह चेयरमैन डा. सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, सीईओ अजय श्रीवास्तव आदि ने सरस्वती मां की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलित करके एवं स्वामी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया । समूह चेयरमैन डा. सुधीर गिरि ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाकर भारत को विश्व पटल पर विश्व गुरू के रूप में स्थापित किया । उन्होने युवाओ से उनके आदर्शो पर चलकर देश सेवा करने का आवाहन किया । इस अवसर पर आज पहले दिन एकता दौड़, यातायात जागरूकता रैली एवं रक्तदान शिविर व रस्साकाशी प्रतियोगिताओ का आयोजन किया गया।

-प्रतिकुलाधिपति डा. राजीव त्यागी ने कहा कि अकेले स्वामी जी ने देश की छवि को विश्व पटल पर पाश्चात्य देशो के सामने विश्व गुरू के रूप में प्रस्तुत कर भारत का मान बढाया, निःसंदेह वो “यूथ आईकन” है । हमे उनके दिखाये गये शान्ति सदभाव एवं वैश्विक एकता के मार्ग पर चलकर पूरी दुनिया का सिरमौर बनने की ओर जाना है । कुलपति प्रो. (डा.) कृष्ण कान्त दवे ने कहा कि स्वामी जी ने युवाओं को बताया कि कैसे वो बिना डरे विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं।

-इस अवसर पर सीईओ अजय श्रीवास्तव, सलाहकार आर. एस. शर्मा, डीन अकेडमिक डा.राजेश सिंह, सी.ओ.ई. डा.मोहित शर्मा, डा.तेजपाल सिंह, डा.आशुतोष सिंह, डा.ओम प्रकाश गोसाई, डा.राहुल कुमार, डा.अश्विन कुमार सक्सेना, डा.सर्वानन्द साहू, डा. ऐना एरिक ब्राउन, डा. स्नेहलता गोस्वामी, डा. नीतू पंवार, रिंकी शर्मा,  डा.एल. एस. रावत, एस. एस. बघेल, अरूण कुमार गोस्वामी, मारूफ चौधरी, मेरठ परिसर से निदेशक प्रताप सिंह एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग सम्मिलित रहे । कार्यक्रम का संचालन डा. राजवर्धन सिंह ने किया |

Khabardar 24

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